अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
पीडियाट्रिक आईसीयू (पीआईसीयू) के बारे में शासन ने जिला अस्पताल प्रशासन से उपकरण, संसाधन, दवाएं और मरीजों का ब्यौरा मांगा है। बुधवार को जिला अस्पताल से इन सूचनाओं को शासन को भेजा गया। माना जा रहा है कि शासन ने ये सूचनाएं पीआईसीयू की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिहाज से मांगी हैं। पिछले कई महीनों से पीआईसीयू में आई कमियों की बाबत शासन से पत्राचार चल रहा था।
इंसेफेलाइटिस को लेकर प्रदेश सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती। मुख्यमंत्री के आदेश पर जेई टीकाकरण का विशेष अभियान चलाया गया ताकि बच्चों को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सके। टीकाकरण अभी चल ही रहा है। अब इसी क्रम में शासन ने जिला अस्पताल के पीडियाट्रिक आईसीयू की सारी डिटेल मांगी है। शासन से मांगी गई सूचना में मानव संपदा, उपकरण, संसाधन व दवाओं के साथ-साथ मरीजों के भर्ती, रेफर व ठीक होने तक की सारी डिटेल शामिल है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि पीआईसीयू मरीजों के लिए कितना कारगर साबित हो रहा है, साथ ही इसको और बेहतर कैसे बनाया जा सकता है। पीडियाट्रिक आईसीयू में एक जनवरी से अब तक 241 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। इसमें 36 मरीज एईएस के हैं। तीन पीडियाट्रिशियन, एक पुनर्योजित डॉक्टर व 20 स्टाफ नर्स तैनात हैं। यहां 12 वेंटिलेटर में दो खराब हैं। पांच मॉनीटर भी उपकरणों की खराबी से बेकार साबित हो रहे हैं। इससे यह सिद्ध होता है कि 12 में से 7 बेड की स्थिति अच्छी नहीं है। जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. दिनेश सोनकर ने बताया कि शासन को पीआईसीयू से जुड़ी सूचनाएं भेज दी गई हैं।