कैपियरगंज। अमर उजाला के ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के अंतर्गत गुरुवार को यूएस एकेडमी एंड इंस्टीट्यूट में पुलिस की पाठशाला लगाई गई। शिक्षक की भूमिका में कैंपियरगंज थानाध्यक्ष दुर्गेश कुमार सिंह ने कहा कि अत्याचार के खिलाफ महिलाओं को खुद ही आवाज उठानी होगी। ऐसा सिर्फ जागरूकता से ही संभव है।
उन्होंने कहा की चुप्पी से अपराधियों का दुस्साहस बढ़ता है। पुलिस से डरने के बजाय बेझिझक शिकायत करें। वह हमेशा मदद को तैयार है। हेल्प लाइन नंबर 1090 पर फोन करें, जरूर मदद मिलेगी।
छात्राओं को सुरक्षा का मंत्र देते हुए कहा कि सोशल मीडिया भी अपराध का माध्यम बनता जा रहा है। पाठशाला में महिला पुलिसकर्मी चंद्रकला कन्नौजिया ने कहा कि फेसबुक और व्हाट्स एप पर फेक आईडी से अश्लील मैसेज, फोटो वायरल करने के साथ ही ऑनलाइन हैकिंग जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। इससे सचेत रहने की जरूरत है।
यूएस एकेडमी के निदेशक राजेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाने में अपराजिता अभियान मील का पत्थर साबित होगा। पुलिस की पाठशाला संस्कारों की पाठशाला है। इससे विद्यार्थियों को सभ्य नागरिक बनाने में मदद मिलेगी। आखिर में विद्यार्थियों और शिक्षकों को नारी गरिमा के सम्मान की शपथ दिलाने के साथ ही संकल्प पत्र भरवाया गया।
इनका रहा सराहनीय योगदान
पुलिस की पाठशाला को सफल बनाने में एडीओ पंचायत नीरज गुप्ता, एएपीओ मनरेगा अवधेश कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक रूपेश पाल, रामजी गुप्ता, चंद्रकला कन्नौजिया, ग्राम प्रधान राजेंद्र सहानी समेत विद्यालय के सभी शिक्षकों ने सराहनीय भूमिका निभाई।
मिला माकूल जवाब
पुलिस की पाठशाला में दुर्गेश सिंह ने छात्राओं के मन की दुविधा भी दूर की। 11वीं की नेहा ने घर से विद्यालय आने के दौरान मनचलों की छींटाकशी का मुद्दा उठाया तो थानाध्यक्ष ने भरोसा जताया कि वो शिकायत करें, आरोपियों को जेल भेजा जाएगा। 12 वीं की सुनीता राय ने बसों और ट्रेनों में महिला सीट में पुरुषों के काबिज होने की शिकायत की तो उन्होंने इसकी सूचना जिम्मेदारों के साथ पुलिस को देने की नसीहत दी। अंजली ने थाने पर शिकायत के दौरान पुलिसकर्मियों की ओर से किए जाने वाले दुर्व्यवहार की बात उठाई तो थानाध्यक्ष ने कहा कि सभी पुलिस वाले ऐसे नहीं होते हैं। यदि ऐसा कोई करता है तो शिकायत करें, कार्रवाई होगी।