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तत्काल रोकें, गंगा को प्रदूषित कर रही आमी

Fri, 24 Aug 2018 12:57 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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गंगा में गंदगी - फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। आमी नदी को प्रदूषण से बचाने को चल रही धीमी कवायद पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने न सिर्फ नाराजगी जताई है बल्कि यह भी कहा है कि आमी का कचरा मोक्षदायिनी गंगा को भी प्रदूषित कर रहा है। इसे तत्काल रोकने की जरूरत है। यही नहीं, एनजीटी ने मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय की अध्यक्षता में हाई पॉवर कमेटी गठित कर एक महीने के अंदर आमी को प्रदूषण मुक्त बनाने का खाका पेश करने को कहा है।
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आमी बचाओ मंच की अपील पर आमी नदी के प्रदूषण पर बृहस्पतिवार को नई दिल्ली में एनजीटी की सुनवाई हुई। चार घंटे तक चली सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गीडा, जीडीए, नगर निगम सहित तमाम विभागों के प्रतिनिधियों से जानकारी ली गई। इसके बाद एनजीटी ने सारी कवायदों को नाकाफी बताया और कहा कि नदी को प्रदूषण मुक्त करने की ठोस कार्ययोजना नहीं बनाई गई है। आमी बचाओ मंच के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह की तरफ से पेश प्रदूषण संबंधी रिपोर्ट को एनजीटी ने सर्वोच्च स्तर का बताया और कहा कि यह प्रदूषण गंगा को भी नुकसान पहुंचा जा रहा है। प्रदूषण रोकने वाले विभाग अपनी जिम्मेदारी से भाग रहे हैं। सहजनवां (गीडा) में सीईटीपी, मगहर और खलीलाबाद में एसटीपी लगाने में देरी पर भी एनजीटी ने कड़ी नाराजगी जताई।

तीन जिलों में करें निगरानी

ट्रिब्यूनल ने कहा कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित हाई पॉवर कमेटी गोरखपुर, संतकबीरनगर और बस्ती में आमी नदी की निगरानी करे। नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए क्या किया गया, इसकी जानकारी पोर्टल पर भी डाली जाए। सभी विभागों के प्रमुख अपना संपर्क नंबर भी पोर्टल पर उपलब्ध कराएं। आमी बचाओ मंच के अधिवक्ता दुर्गेश कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी। इससे पहले ही हाई पावर कमेटी को आमी नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने की कार्ययोजना ट्रिब्यूनल को देनी होगी।

जुर्माना माफ करने की अपील खारिज

एनजीटी ने नगर निगम और यूपी सरकार पर लगाया गया जुर्माना माफ करने की अपील खारिज कर दी। आमी नदी में ऑक्सीजन की मात्रा शून्य है। इससे मछलियों के मरने का सिलसिला जारी है। गीडा की औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला 50 लाख लीटर गंदा पानी रोजाना आमी नदी में जाता है।

राप्ती, घाघरा के जरिये गंगा में जा रहा आमी का कचरा

आमी नदी कौड़ीराम के सोहगौरा के पास राप्ती में मिलती है और राप्ती नदी बड़हलगंज में घाघरा में मिल जाती है। घाघरा नदी बलिया में गंगा में मिलती है।
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