गोरखपुर। नौसड़ से कालेसर तक फोरलेन को रोशन करने का काम गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ही करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दखल के बाद इस रूट पर लाइटें लगाने के लिए प्राधिकरण ने आनन-फानन में शुक्रवार को टेंडर भी निकाल दिया।
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के विद्युत अनुभाग के पास मैन पावर और जरूरी संसाधन न होने से यह तय हुआ था कि गीडा लाइटें लगाने का पूरा खर्च उठाएगा और काम जीडीए कराएगा, मगर सात जून को गीडा बोर्ड बैठक में चैंबर ऑफ ट्रेडर्स के कुछ सदस्यों ने इस पर आपत्ति उठाई, जिस पर कमिश्नर ने इस एजेंडे को टाल दिया। तय हुआ कि शासन से अनुमति के बाद कार्रवाई होगी। दो दिवसीय दौरे पर 14 जून को शहर आए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने जब विकास कार्यों की समीक्षा की तो शहर और उसके बाहरी इलाकों में लाइटें लगाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने नौसड़-कालेसर रूट पर लाइट लगाने की प्रगति पूछी तो उन्हें पूरा मामला बताया गया। इस पर उन्होंने चैंबर ऑफ ट्रेडर्स की आपत्ति को गलत बताते हुए क हा कि उन्हें शहर के विकास से मतलब रखना चाहिए। इसके बाद हरकत में आए प्राधिकरण ने लाइट लगाने के लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू कर दी।
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दो साल पहले भी हुआ था प्रयास
नौसड़-कालेसर रूट पर लाइटें लगाने का मामला पिछले दो साल से लटका है। 2015 में ही पैडलेगंज से कालेसर तक जब फोरलेन का निर्माण पूरा हुआ तो पूर्व कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद ने जीडीए को लाइटें लगाने के निर्देश दिया था। बाद में जीडीए ने नौसड़ से कालेसर तक लाइट लगाने को लेकर हाथ खड़े कर दिए। उसका कहना था कि उसका दायरा सिर्फ नौसड़ तक है। वहीं गीडा ने बजट की कमी का हवाला देकर काम कराने से मना कर दिया। नतीजतन जीडीए ने उसी समय पैडलेगंज से नौसड़ तक लाइटें लगा लीं और नौसड़ से कालेसर तक की सड़क छूटी रह गई।