गोरखपुर।
बदहाल बिजली की चुनौती से पार पाने के लिए पॉवर कारपोरेशन मदद मांग रहा है। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी ने एनटीपीसी के अफसरों से दिक्कत दूर करने के लिए पॉवर जेनरेशन इंड से मिलने वाली सप्लाई में रिएक्टिव सप्लाई बढ़ाने का अनुरोध किया है।
गर्मी में बढ़े लोड से बिजली सप्लाई में हो रही दिक्कत की जानकारी एसई ट्रांसमिशन ने एमडी पूर्वांचल को पिछले दिनों दी थी। इस पर एमडी सुरेश भारती ने एनटीपीसी के अफसरों से संपर्क किया है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर बिजली सप्लाई के चलते शहर में गड़बड़ाई व्यवस्था सुधारने के लिए रिएक्टिव सप्लाई बढ़ाने के लिए कहा है। रिएक्टिव सप्लाई बढ़ने पर हीटर, एसी आदि से बढ़ने वाला इंडस्टिव लोड संभाला जा सकता है। ऐसा होने से लो वोल्टेज की समस्या नहीं रहेगी। एसई ट्रांसमिशन आरके सिन्हा ने बताया कि रिएक्टिव सप्लाई बढ़ाने से जेनरेशन इंड पर लागत बढ़ जाती है। ऐसे में एनटीपीसी को इसके लिए राजी करना थोड़ा मुश्किल होगा। अगर एनटीपीसी रिएक्टिव सप्लाई नहीं बढ़ाएगी तो गर्मी तक लो वोल्टेज परेशानी बढ़ाता रहेगा।
ये है इंडस्टिव लोड
बिजली महकमा लोड दो तरह से नापता है। एक रेजिस्टिव लोड, दूसरा इंडस्टिव लोड। बल्ब, पंखे आदि रेजिस्टिव लोड बढ़ाते हैं, जबकि हीटर, एसी आदि इंडस्टिव लोड बढ़ाते हैं। इन उपकरणों में बिजली की खपत भी ज्यादा होती है। ग्रामीण इलाकों में हीटर और शहर में लोड छिपाकर चलाए जा रहे एसी इंडस्टिव लोड बढ़ाकर आम उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज की परेशानी दे रहे हैं।
कटिया लगा चल रहे हीटर, लोड छिपाकर एसी
ग्रामीण क्षेत्रों में कटिया लगाकर हीटर जलाए जा रहे हैं। शहर में लोड कम बताकर एसी चलाने के कई मामले भी पकड़े जा चुके हैं। लो वोल्टेज के पीछे बिजली अफसर इसे अहम वजह मान रहे हैं। बिजली अभियंताओं का कहना है कि अगर लोग लोड न छिपाएं और कटिया कनेक्शन बंद हो जाए तो लो वोल्टेज की समस्या नहीं रहेगी। इसके लिए उपभोक्ताओं को जागरूक होना होगा।