घर के बाहर रखी पानी भरी बाल्टी में डूबने से डेढ़ साल के मासूम की मौत हो गई। इस घटना ने न सिर्फ घर वालों बल्कि पड़ोसियों को भी झकझोर कर रख दिया। दो बहनों के बाद पैदा हुए इस इकलौते बेटे की मौत से मां बेसुध हो गई। वह बार-बार खुद को यही कोस रही थी कि बच्चे को खेलने के लिए उसने बाहर अकेला क्यों छोड़ा। बाल्टी में डूबे कलेजे के टुकड़े को गोद में लेकर बदहवास मां पैदल ही भागकर स्वास्थ्य केंद्र पहुंची और डॉक्टरों से उसे बचाने की गुहार लगाने लगी, लेकिन डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए।
सहजनवां के खरैला गांव निवासी राजू का डेढ़ साल का बेटा रौनक बृहस्पतिवार को सुबह घर के बाहर खेल रहा था। वहीं स्थित नल के पास आधा पानी भरी 20 लीटर की बाल्टी रखी थी। खेलने के दौरान ही जाने कैसे रौनक मुंह के बल बाल्टी में गिर गया। काफी देर तक छटपटाने के बाद पानी में दम घुटने से उसकी मौत हो गई, लेकिन उस दौरान किसी की नजर उसपर नहीं पड़ी। कुछ देर बाद मां जब रौनक को खोजते हुए बाहर आई और उसे बाल्टी में उलटा डूबा देखा तो उसका कलेजा मुंह को आ गया। मां के शोर मचाने पर घर और आसपास के लोग दौड़कर पहुंचे।
स्वयं मां अपने बच्चे को गोद में लेकर दौड़ती हुई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। कुछ देर बाद घर वाले भी बाइक और अन्य साधनों से पहुंच गए, मगर डॉक्टरों ने जांच के बाद रौनक को मृत घोषित कर दिया। इससे स्वास्थ्य केंद्र में ही चीख-पुकार मच गई। मां तो बदहवास होकर खुद को बार-बार यही कोस रही थी कि आखिर बच्चे को उसने अकेले बाहर खेलने के लिए क्यों छोड़ा। तीन भाई-बहनों में रौनक सबसे छोटा और इकलौता बेटा था।