गोरखपुर। मतदाता पुनरीक्षण अभियान में लापरवाही बरतने वाले बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। अब खजनी तहसील के 20 बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पांच दिनों में अब तक करीब 200 बीएलओ पर एफआईआर हो चुकी है। अब भी करीब 500 बीएलओ कार्रवाई की जद में हैं। जिन तहसीलों के बीएलओ पर केस दर्ज हुआ है उनमें सदर, सहजनवां, गोला और खजनी तहसील शामिल हैं।
निर्वाचन कार्य से जुड़े अफसरों के मुताबिक जिन बीएलओ पर कार्रवाई हो चुकी है उनमें से कुछ की कार्यप्रणाली में सुधार आया है मगर अभी भी कई ऐसे बीएलओ हैं जो न तो अपने क्षेत्र की मतदाता सूची से जुड़ी खामियों की रिपोर्ट दे रहे हैं और न ही उन्हें दूर करने का ही कोई प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि वोटर लिस्ट में कई ऐसे मतदाताओं के नाम दर्ज हैं जो दिवंगत हो चुके हैं या फिर दूसरे जिले में शिफ्ट हो चुके हैं। तमाम ऐसे भी वोटर हैं जिनके नाम दो या उससे अधिक विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज हैं। आयोग ऐसे वोटरों के नाम काटने और मतदाता सूची को पूरी तरह से दुरुस्त करने को लेकर सख्त है और रोजाना इसकी मानीटरिंग भी की जा रही है।
इन बीएलओ पर हुई कार्रवाई
सहायक अध्यापक राम चिंत, राम नयन मौर्य, राधेश्याम, चंद्रशेखर, अनीता वर्मा, शंभू नाथ, हीरालाल, रामसुखी यादव, असगर अली, रामजीत, प्रधान अध्यापक रामनयन मौर्य, हीरालाल, प्रेरक राजेश कुमार, शिक्षा मित्र रणविजय यादव, किरन सिंह, जगदीश, संजय कुमार सिंह, दिग्विजय सिंह, धनुषधारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनीषा त्रिपाठी, बिंदू देवी।