गोरखपुर में एम्स के निर्माण को लेकर एक बार फिर तैयारी तेज हो गई है। दूसरे विकल्प के तौर पर प्रस्तावित महादेव झारखंडी टुकड़ा नंबर दो के गन्ना संस्थान की 111 एकड़ जमीन के मुआयने के लिए चार सदस्यीय टीम आठ जुलाई को गोरखपुर आ रही है। टीम में ज्वाइंट सेक्रेटरी (पीएमएसएसवाई) सुनील शर्मा, वरिष्ठ आर्किटेक्ट, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार राजीव कन्नौजिया, अधीक्षण अभियंता पीजीआई चण्डीगढ़ पीएस सैनी तथा एमएस एम्स नई दिल्ली डीके शर्मा शामिल हैं।
टीम सुबह 8.15 बजे लखनऊ से सड़क मार्ग से चलकर 11.15 बजे गोरखपुर पहुंच जाएगी। सर्किट हाउस में थोड़ी देर रुकने के बाद जमीन का निरीक्षण करेगी। टीम के आगमन के मद्देनजर प्रशासन ने तैयारी पूरी कर ली है। सदर तहसील के एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित कानूनगो व लेखपालों को जमीन संबंधी दस्तावेजों के साथ समय पर गन्ना शोध संस्थान पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ओएन सिंह ने बताया कि संबंधित जमीन पर एम्स के निर्माण को लेकर प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को एनओसी दे दिया है। उन्होंने बताया कि एम्स के लिए 200 एकड़ की अब कोई विशेष बाध्यता नहीं है। सरकार संस्थान की 111 एकड़ जमीन को भी पर्याप्त मान रही है। बहुमंजिली इमारतों के निर्माण से काफी जगह बचाई जा सकती है। शुक्रवार की शाम तक टीम लखनऊ के लिए रवाना हो जाएगी और फिर वहां से दिल्ली निकल जाएगी।
इसलिए खास है शोध संस्थान की जमीन
- एयरपोर्ट से काफी नजदीक
- फोरलेन से कनेक्टिविटी, गोरखपुर मंडल के अलावा फैजाबाद, वाराणसी और आसपास के इलाकों के साथ ही बिहार के लोगों को भी सहूलियत मिलेगी
- चार किलोमीटर के दायरे में रेलवे स्टेशन और बस स्टेशन भी
- बिजली-पानी की बेहतर सुविधा
- खुटहन की जमीन का पेंच सुलझने का वक्त तय नहीं
- अभी तक की प्रस्तावित सभी जमीन में सबसे मुफीद