गोरखपुर महोत्सव को अब पर्यटन विभाग के कैंलेंडर में शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी की पहल पर इसका लेखा जोखा तैयार किया जा रहा है। पर्यटन विभाग के कैलेंडर में शामिल होने पर गंगा महोत्सव, लखनऊ महोत्सव की तरह हर साल एक निश्चित समय पर गोरखपुर महोत्सव के आयोजन की राह भी आसान हो जाएगी।
गोरखपुर महोत्सव का आयोजन 11-14 जनवरी तक होगा। जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर इस आयोजन की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग को दी है। विभाग कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर रहा है। आयोजन के लिए दो स्थान चुने किए गए हैं। 17 नवंबर को जिला प्रशासन के साथ होने वाली बैठक में इनमें से एक को फाइनल कर लिया जाएगा। उम्मीद जताई जा रही है कि मुख्यमंत्री भी महोत्सव में किसी दिन शामिल हो सकते हैं।
ये होगा फायदा
पर्यटन कैलेंडर पर गोरखपुर महोत्सव का नाम दर्ज होने से हर साल महोत्सव के आयोजन का समय निर्धारित हो जाएगा। पर्यटन विभाग इसकेे लिए बजट भी देगा। आयोजन की जिम्मेदारी पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन मिलकर उठाएंगे। फिलहाल गोरखपुर महोत्सव का कैलेंडर में नाम दर्ज न होने से इसके आयोजन पर संशय बना रहता है। गोरखपुर महोत्सव-2016 का आयोजन ही करीब 16 साल बाद तत्कालीन कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद की पहल पर हुआ था।
पर्यटन विभाग के कैलेंडर पर दर्ज महोत्सव
गंगा महोत्सव, ताज महोत्सव, लखनऊ महोत्सव, ट्रैवल मार्ट, झांसी महोत्सव, मगहर महोत्सव
गोरखपुर महोत्सव को पर्यटन विभाग के कैलेंडर में शामिल करने की योजना पर काम चल रहा है। इससे पर्यटन के लिहाज से क्षेत्र के विकास कोे बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन महानिदेशक ने भी इस योजना पर सहमति जताई है।
- रवींद्र मिश्रा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी