कुशीनगर। बेरोजगार युवकों को रोजगार परक प्रशिक्षण दिलाकर टेस्ट के बाद विदेश भेजने का दावा करने वाली एक संस्था का संचालक 42 युवकों से लाखों रुपये लेकर गायब हो गया है। संचालक ने इन युवकों को वीजा देकर फ्लाइट के लिए दिल्ली बुलाया था, लेकिन वहां पहुंचने पर कोई नहीं मिला। परेशान युवक तुर्कपट्टी पहुंचे तो संस्था के दफ्तर पर ताला लटका हुआ था। धोखाधड़ी का एहसास होने से व्याकुल इन बेरोजगारों ने शनिवार को तुर्कपट्टी थाने में पहुंचकर तहरीर दी।
लगभग तीन माह पूर्व तुर्कपट्टी के राजेश्वर पांडेय मेमोरियल महाविद्यालय के ठीक सामने किराए का कमरा लेकर एक संस्था ने अपना दफ्तर खोला। यहां तीन चार लोग बैठकर बेरोजगार युवकों को विदेश भेजने के लिए ट्रेनिंग व टेस्ट आदि दिलाने का कार्य कर रहे थे। पीड़ित शमशाद अंसारी, प्रभु राव, सुधीर, राजकुमार, प्रह्लाद, लतीफ, राकेश, धनंजय, चंद्रशेखर, हरिलाल, कैलाश, विजय मल्ल आदि का आरोप है कि संस्था के संचालक ने यहां से प्रशिक्षण व टेस्ट देने के बाद विदेशों में अच्छी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे 50-50 हजार रुपये ले लिया। इन युवकों के अनुसार अवधेश प्रसाद, धर्मपाल, कृपाशंकर प्रसाद सहित 42 युवकों को वीजा देकर 18 जुलाई को दिल्ली बुलाया गया। कहा गया था कि वहां 19 जुलाई को पासपोर्ट और हवाई जहाज का टिकट दिया जाएगा। युवक वहां पहुंचे तो कोई मिला नहीं। जो मोबाइल नंबर दिए गए थे वे सभी बंद हैं। शुक्रवार को युवक दिल्ली से वापस तुर्कपट्टी पहुंचे तो यहां भी सेंटर पर ताला लटका हुआ था। शनिवार को धोखाधड़ी के शिकार तमाम युवक तुर्कपट्टी थाने पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी देते हुए कार्रवाई की मांग की।
इस संबंध में एसओ तुर्कपट्टी नीरज कुमार शाही का कहना है कि तहरीर मिली है। आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच व गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।