गोरखपुर। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने टीचिंग एजूकेशन में बदलाव किया है। अब दो वर्षीय डिप्लोमा के बजाय चार वर्षीय डिग्री कोर्स की पढ़ाई होगी। नई व्यवस्था शैक्षिक सत्र 2019-20 से लागू होगी। मान्यता का आवेदन फार्म 3 से 31 दिसंबर के बीच भरा जा सकता है। इसका ब्योरा सभी केंद्रीय, राज्य विश्वविद्यालयों को भेज दिया गया है। गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन को भी आदेश मिला है। जल्द ही यहां भी चार वर्षीय कोर्स की पढ़ाई शुरू कराई जाएगी।
नई व्यवस्था का ब्योरा वेबसाइट www.ncte-india.org पर उपलब्ध करा दिया गया है। इंटरमीडिएट 50 फीसदी मार्क्स के साथ उत्तीण्र्ा विद्यार्थी डिग्री कोर्स में दाखिला ले सकेंगे। इसके जरिए टीचिंग एजूकेशन को विश्वस्तरीय बनाने, बेहतरीन शिक्षक तैयार करने और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार की योजना है।
हर विषय के होंगे विशेषज्ञ शिक्षक
एनसीटीई के मुताबिक बेसिक और माध्यमिक स्कूलों में हर विषय में विशेषज्ञ शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। बीएससी-बीएड में फिजिक्स, केमिस्ट्री या मैथ्स पढ़ाया जाएगा। इसी तरह बीए-बीएड में कला के विभिन्न विषयों को पढ़ाया जाएगा। गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर, गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर के 86 संबद्ध कॉलेजों में बीएड की पढ़ाई कराई जा रही है। इनमें 5500 से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे हैं।