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अटल बिहारी-8

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फोटो- प्रदेश कार्य समिति की बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
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अटल ने गोरखपुर को बनाया पूर्वांचल की राजनीति का केंद्र
- 1994 में प्रदेश कार्य समिति की बैठक में अटल, आडवाणी समेत कई बड़े नेता रहे मौजूद
- प्रधानमंत्री बनने के बाद 1998 में एमपी इंटर कॉलेज ग्राउंड में की जनसभा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने गोरखपुर को पूर्वांचल की राजनीति का केंद्र बनाया था। इसी का नतीजा रहा कि 23, 24 अप्रैल 1994 को भाजपा प्रदेश कार्य समिति की महत्वपूर्ण बैठक यहां आयोजित हुई थी। इसकी अध्यक्षता पूर्व प्रधानमंत्री ने ही की थी। प्रदेश कार्य समिति की इस बैठक में भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी भी पहुंचे थे। कलराज मिश्र सहित तमाम नेता भी मौजूद रहे थे।
पूर्व प्रधानमंत्री का गोरखपुर से गहरा नाता था। वह 1994 में सरस्वती विद्या मंदिर में रुके थे। वहां प्रदेश कार्य समिति की बैठक में हिस्सा लेने के बाद नवीन भवन का लोकार्पण किया। भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के कोषाध्यक्ष और जैन समाज के अध्यक्ष पुष्पदंत जैन ने बताया कि प्रधानमंत्री बनने के बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने गोरखपुर में पहली जनसभा की थी। 1998 में एमपी इंटर कॉलेज ग्राउंड में अटल बिहारी वाजपेयी को सुनने के लिए भीड़ उमड़ी थी। तब उन्होंने कहा था कि गोरखपुर से गहरा लगाव है। यहां बड़े भाई की ससुराल है। इस लिहाज से मेरी भी ससुराल है। गोरखपुर अक्सर आना-जाना होता है। कोषाध्यक्ष ने कहा कि अटल बिहारी पूर्वांचल की राजनीति को गोरखपुर से ही साधते थे। इसका फायदा भी उन्हें खूब मिला था।
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...और उनकी सादगी का कायल हो गया
अंतरराष्ट्रीय पहलवान व भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश सिंह पहलवान के मुताबिक रेलवे की नौकरी छोड़कर वह नए-नए भाजपा में आए थे। पार्टी ने भरोसा जताया और महराजगंज के लक्ष्मीपुर विधानसभा से अपना उम्मीदवार घोषित किया। चुनाव भी दमदारी से लड़े मगर नतीजा पक्ष में नही आया। निराशा से जूझ रहा था। उसी समय 1994 में सरस्वती विद्या मंदिर आर्यनगर में पार्टी की कार्यसमिति की बैठक का आयोजन हुआ। उन्हें सुरक्षा व्यवस्था का प्रमुख बनाया गया था। अटल भी उस बैठक में आए थे। राकेश सिंह पहलवान कहते हैं उन्हें आज तक वजह नहीं मालूम मगर अटल जी ने बुलाकर परिचय पूछा। जब उन्होंने नौकरी छोड़, पार्टी में आने और उम्मीदवारी की बात बताई तो उन्होंने पीठ थपथपाई और खूब हौसला आफजाई किया। बोले- पार्टी को युवाओं की जरूरत है, मेहनत से लगे रहो। उनकी यह सादगी और अभिभावक सलीके हौसला बढ़ाने का अंदाज आज भी नहीं भूलता। कहा कि उनका जाना न केवल पार्टी बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
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