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शवों की बेकद्री हुई तो एडी हेल् थ जिम्मेदार

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गोरखपुर। शवों की बेकद्री को कमिश्नर अनिल कुमार ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल या किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर मरीज की मौत होने के बाद शव ले जाने के लिए घर वालों को अगर वाहन नहीं मिले तो इसकी जिम्मेदारी अपर निदेशक स्वास्थ्य (एडी हेल्थ) की होगी। अगर कहीं से भी इस संबंध में शिकायत मिली तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यही नहीं, उन्होंने लावारिस लाशों को भी पूरा सम्मान देने का निर्देश दिया। कहा कि मोर्चरी से मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम तक इन लाशों को भी वाहनों से ले जाया जाए।
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स्वास्थ्य केंद्रों ही नहीं जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज से भी वाहन न मिलने पर गरीब घर वालों द्वारा कंधों, रिक्शे और आटो से अपनों का शव ले जाने के मामले को ‘अमर उजाला’ लगातार प्रमुखता से उठाता रहा है। हाल ही में भटहट सीएचसी प्रशासन की संवेदनहीनता को भी ‘अमर उजाला’ ने उजागर किया था। यही नहीं, लावारिस लाशों के मामले में तो मानवाधिकार आयोग जांच भी बैठा चुका है। डीएम को इसकी जांच मिली थी मगर अब भी खुले में जिला अस्पताल के पास स्थित मोर्चरी से मेडिकल कॉलेज स्थित पोस्टमार्टम हाउस तक ठेले पर लावारिस लाशें ले जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। शुक्रवार को विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान अब कमिश्नर ने भी इसपर सख्ती की।
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