गोरखपुर। बिना मानचित्र स्वीकृत कराए या मानचित्र की अनदेखी कर अवैध नर्सिंग होम या हास्पिटल बनवाने वालों को बार-बार जीडीए को ठेंगा दिखाना महंगा पड़ सकता है। तीन महीने में तीन बार नोटिस देने के बाद भी मानचित्र पेश न करने से खफा जीडीए उपाध्यक्ष वैभव श्रीवास्तव ने सभी ऐई और जेई को नर्सिंग होम संचालकों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने बुधवार को अपने मातहतों पर नाराजगी जताते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि अब अवैध निर्माण कराने वाले नर्सिंग होम संचालकों को कोई छूट नहीं दी जाएगी।
उन्होंने सभी को नोटिस देकर सप्ताह भर के भीतर मानचित्र उपलब्ध कराकर कंपांउडिंग न कराने की दशा में मरीज नहीं भर्ती करने की हिदायत देने को कहा है ताकि सील की कार्रवाई के दौरान मरीज और उनके तीमारदार परेशान न हों। मानचित्र स्वीकृत न कराने या उसकी अनदेखी कर निर्माण कराने पर जीडीए ने अप्रैल में 180 नर्सिंग होम व हास्पिटल संचालकों को नोटिस भेजा था। सभी को अपना पक्ष रखने के लिए मानचित्र पेश करने को कहा गया था। मानचित्र स्वीकृत न होने या मानचित्र के मुताबिक निर्माण न होने पर कंपांउडिंग कराने की छूट दी गई थी। इसके बाद दो बार और नोटिस भेज गया मगर सिर्फ 29 ने ही मानचित्र पेश किया। इनमें भी 25 के मानिचत्र में गड़बड़ी पाई गई। इसके बाद किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। जीडीए उपाध्यक्ष ने अब इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित का नर्सिंग होम सील करने के निर्देश दिए हैं।