रोजगार मेले में आए बेरोजगारों पर लाठी भांजती पुलिस।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन में आयोजित रोजगार मेला पहले ही दिन बदइंतजामियों की भेंट चढ़ गया। पहले तो बिना व्यवस्था के हजारों की संख्या में युवाओं को बुला लिया गया, फिर व्यवस्था के नहीं संभलने पर पुलिस ने उन पर दौड़ा-दौड़ा कर लाठियां बरसाईं। अचानक हुए लाठीचार्ज से वहां अफरा-तफरा का माहौल हो गया। बचने की फिराक में कई युवा गिरकर घायल हो गए।
गुरुवार को मेले में महिला अभ्यर्थियों को भी फजीहत का सामना करना पड़ा। भीड़ में उन्हें भी धक्का-मुक्की का शिकार होना पड़ा। पूरे दिन भीषण गर्मी में कर्मचारियों के साथ मेले में आए बेरोजगारों को भी परेशान होना पड़ा। आयोजकों की ओर से बेरोजगार के बैठने के लिए व्यवस्था तो की गई थी, मगर ये इंतजाम नाकाफी साबित हुए। सुबह से शाम तक चली प्रक्रिया के दौरान कई बार पुलिस को युवाओं को गेट से हटाने के लिए लाठी का इस्तेमाल करना पड़ा। कौशल विकास मिशन, रोजगार दफ्तर और व्यवसायिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित रोजगार मेला में 64 कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। टेक्निकल और नॉन टेक्निकल वर्ग में कुल मिलाकर 11466 रिक्त पदों के लिए प्रक्रिया का शुभांरभ किया गया।
महिला अभ्यर्थियों के लिए नहीं थे कोई इंतजाम
जिला प्रशासन की ओर से महिला अभ्यर्थियों के लिए र्कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इससे दीक्षा भवन में प्रवेश करने के दौरान उन्हें धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। कुछ तो प्रवेश करने के दौरान ही वहीं गिर पड़ीं। महिला अभ्यर्थियों के लिए न तो दीक्षा भवन में प्रवेश के लिए कोई अलग लाइन बनी थी और न ही कमरे में। मजबूरी में उन्हें धक्के खाकर लड़काें के गेट से अंदर जाना पड़ा।
भीषण गर्मी ने लिया इम्तिहान
रोजगार मेला के लिए आयोजकों की ओर से दीक्षा भवन के तीनों फ्लोर को कंपनियों के लिए रिजर्व किया गया था, मगर भीषण गर्मी ने अभ्यर्थियों के साथ इंटरव्यू करने आई कंपनियों के कर्मचारियों का इम्तिहान लिया। भीषण गर्मी और उमस मेें सभी को फजीहत झेलनी पड़ी।
फेल हुआ दावा
जिला प्रशासन की ओर से दीक्षा भवन में 16 हजार अभ्यर्थियों को संभाल लेने का दावा किया गया था। ये दावा रोजगार मेला के पहले ही दिन फुस्स हो गया। जिला प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा बेरोजगारों को भुगतना पड़ा।