फरेंदा। वनटांगिया भारी वैसी के ग्रामीणों ने कच्ची शराब के धंधे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। धंधबाजों के खिलाफ उन्होंने हर दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई धंधे में कोई कमी नहीं हुई। गांव के लोगों ने आबकारी विभाग, पुलिस, जिलाधिकारी के अलावा मंडलायुक्त से भी कच्ची शराब के खिलाफ शिकायत की। कार्रवाई न होने नाराज होकर वनग्राम के लोगों ने कच्ची शराब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और रविवार गांव में शिक्षक के नेतृत्व में छापेमारी कर दर्जनों भट्ठियां नष्ट कर दी।
रविवार को वन ग्राम भारीवैसी में कन्हैया प्रसाद की अध्यक्षता में हुई बैठक में वनटांगिया विद्यालय के प्रधानाध्यापक डॉ. कैलास नाथ मौर्य ने कच्ची शराब के खिलाफ जागरूक रहने की बात कही। बैठक में मौजूद नन्हू पटेल, शिवकुमार, राजेश पटेल, अशोक, संदीप, राजू, सुरेंद्र, दवन, हजरत आदि ने कच्ची शराब के खिलाफ खुद मोर्चा संभालने की बात कहते हुए शराब के अड्डों पर पहुंचे और दर्जनों भट्ठियों को तोड़ते हुए लहन भी नष्ट किया। गांव वालों ने बताया कि आबकारी विभाग व पुलिस यहां खानापूरी के लिए आते हैं और चले जाते हैं। धंधेबाजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। कच्ची शराब से बच्चों एवं युवकों का भविष्य अंधकार की तरफ जा रहा है। गांव वालों का कहना है कि अब भट्ठिया तोड़ने का सिलसिला ऐसे ही जारी रहेगा और कच्ची शराब के खिलाफ अभियान नहीं रुकेगा।
मंडलायुक्त की चौपाल में ग्रामीणों ने की थी शिकायत
फरेंदा। दो महीना पूर्व वनटांगिया गांव भारी वैसी में मंडलायुक्त अनिल कुमार पहुंचे थे। वनग्राम में खुली बैठक में ग्रामीणो ने उनसे विभागीय व पुलिस की मिली भगत से कच्ची शराब बनाये जाने की शिकायत की थी। जिस पर मंडलायुक्त ने शराब बंद करवाने के सख्त निर्देश भी दिये लेकिन अब तक कारोबार में कोई कमी नहीं हुई। पिछले तहसील दिवस में ग्रामीणों ने शराब कारोबारियों की एक लंबी सूची व उन तक पहुंचने का नक्शा भी उपजिलाधिकारी को सौपा लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।