100 परसेंटाइल हासिल करने वाले हिमांशु गौरव सिंह।
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गोरखपुर। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन 2019 में 100 परसेंटाइल हासिल करने वाले एकेडमिक हाइट्स स्कूल, जंगलधूसड़ के छात्र हिमांशु गौरव सिंह केमिस्ट्री और एस्ट्रोनॉमी ओलंपियाड के टॉपर हैं। फिजिक्स ओलंपियाड में आठवां स्थान मिला था। हिमांशु रविवार को नई दिल्ली में इंडियन नेशनल मैथ ओलंपियाड में हिस्सा लेंगे। इससे पहले रीजनल मैथ ओलंपियाड भी टॉप कर चुके हैं। दसवीं में हिमांशु ने 10 सीजीपीए हासिल किया था।
100 परसेंटाइल पाने वाले शहर के हिमांशु का नाम देश के 15 मेधावियों की सूची में शामिल है। यूपी से महज दो छात्रों को 100 परसेंटाइल मिले हैं। अब हिमांशु सहित अन्य विद्यार्थी आईआईटी में दाखिले के लिए प्रस्तावित ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस का आवेदन फार्म भरेंगे। एडवांस में सफलता के बाद ही आईआईटी में दाखिला मिलेगा।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने पहली बार जेईई मेन का ऑनलाइन पेपर कराया था। इसके नतीजे शनिवार को देरशाम जारी कर दिए गए। एनटीए ने 15 टॉपरों के जो नाम जारी किए हैं, उसमें गोरखपुर के हिमांशु गौरव सिंह और कानपुर के नमन गुप्ता का नाम भी है। 12वीं की पढ़ाई कर रहे हिमांशु ने पहले ही प्रयास में सफलता हासिल की है। इससे हिमांशु की मां रूपा सिंह, पिता और राजकीय पॉलिटेक्निक, कौशांबी में इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष लवकुश सिंह, छोटे भाई अंशुमान ने खुशी जताई है। अंशुमान भी एकेडमिक हाइट्स स्कूल में कक्षा नौ के छात्र हैं। हिमांशु ने सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ स्कूल के निदेशक राजेश कुमार, संजीव कुमार और करुणा भदानी को दिया है। उनका कहना है कि आईआईटी से बीटेक करने का इरादा है। अब जेईई एडवांस का पेपर देंगे। यदि ओलंपियाड में सफलता का क्रम जारी रहा तो अच्छे विदेशी विश्वविद्यालय से भी पढ़ाई कर सकते हैं।
हिमांशु का स्कोर कार्ड
विषय मिले परसेंटाइल
मैथमेटिक्स 100
फिजिक्स 99.99
केमिस्ट्री 99.99
साल में दो बार पेपर कराने की तारीफ
हिमांशु ने जेईई मेंस का पेपर साल में दो बार कराने और इसके आयोजन के लिए एनटीए बनाने की तारीफ की। कहा, पहले सीबीएसई की ओर से एक बार पेपर कराया जाता था। मॉर्किंग फीसदी में होती थी। अब परसेंटाइल मिल रहा है। यह पैटर्न आईआईएम जैसा है।
चित्रकूट के रहने वाले हैं हिमांशु के पिता
हिमांशु के पिता लवकुश मूल रूप से चित्रकूट के कर्वी तहसील क्षेत्र के रहने वाले हैं। उन्हें राजकीय महिला पॉलिटेक्निक गोरखपुर में नौकरी मिली। वह 16 साल तक यहीं तैनात रहे। हिमांशु की प्रारंभिक शिक्षा गोरखपुर में ही हुई है।