गोरखपुर। मन में क्रांति दिवस का जोश और 21 किलोमीटर लंबी हॉफ मैराथन को पार करने का लक्ष्य। मैराथन को हरी झंडी मिलते ही देश के कोने-कोने से जुटे धावकों में एक दूसरे को पीछे छोड़ने की दौड़ शुरू हो गई। धावकों को न तो सड़क पर बिखरी गिट्टियों की चिंता थी और न ही रास्ते के गड्ढों-जलभराव की फिक्र। हर चुनौती को पार कर मंजिल की ओर बढ़ रहे धावकों को जिसने भी देखा, इनका हौसला बढ़ाने से न चूका।
शांति सेवा संस्थान की ओर से क्रांति दिवस पर 21 किलोमीटर की हॉफ मैराथन का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में बलिया के अनिल कुमार यादव ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की, वहीं दूसरा स्थान जौनपुर के वीरेंद्र कुमार वर्मा और तीसरे पायदान पर मिर्जापुर के गणेश कुमार रहे। महिला वर्ग में कुशीनगर की डिंपल सिंह अव्वल रहीं। द्वितीय स्थान अमरोहा की रेनू और मिर्जापुर की ज्योति सिंह को मिला।
मैराथन को मुख्य अतिथि मेयर सीराराम जायसवाल ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सुबह 6:30 बजे यूनिवर्सिटी गेट से शुरू होकर छात्रसंघ चौराहा, मोहद्दीपुर, कूड़ाघाट, खोराबार बाईपास, जीडीए कार्यालय, अमर उजाला तिराहा, पैडलेगंज होते हुए वापस यूनिवर्सिटी गेट पर खत्म हुई। दौड़ में हैदराबाद, पश्चिम बंगाल, मुंबई, देहरादून, बनारस, मिर्जापुर, चुनार, बिहार, पुणे आदि से आए धावकों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि मेयर सीताराम जायसवाल ने प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों को क्रमश: 51 हजार, 21 हजार और 11 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया। समापन समारोह में गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. एसके दीक्षित, पूर्व मेयर डॉ. सत्या पांडेय, डॉ. रूप कुमार बनर्जी, डॉ. सौम्य रतन बनर्जी, अमलेश पांडेय, बीसीडी चेयनमैन गजेंद्र बृजराज, सुनील मांझी, विमल पांडेय आदि मौजूद रहे।
इन्हें मिले सांत्वना पुरस्कार
पुरुष वर्ग में सांत्वना पुरस्कार उत्तराखंड के अर्जुन प्रधान, कुशीनगर के राजकिशोर रावत, बनारस के चंदन भारद्वाज, वहीं महिला वर्ग में गोरखपुर की बबिता निषाद, गोरखपुर की पूजा वर्मा, बनारस की दामिनी सिंह को मिला।