गोरखपुर। पॉलिथीन के खिलाफ विभिन्न विभागों के संयुक्त अभियान का असर अब नजर आने लगा है। अपर नगर आयुक्त सुमित कुमार और मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी के नेतृत्व में टीम ने असुरन से लेकर पादरी बाजार तक छापेमारी की। इस दौरान 20 किलो पॉलिथीन जब्त कर करीब 11 हजार रुपये जुर्माना वसूले गए।
शुक्रवार को नगर निगम के अधिकारियों के नेतृत्व में टीम सबसे पहले असुरन पहुंची। इसमें जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी शामिल थे। टीम के पहुंचने पर दुकानदार शटर गिराकर भागने लगे।
टीम ने जब कुछ दुकानों की जांच की तो उनमें प्रतिबंधित पॉलिथीन मिली। पॉलिथीन जब्त करने और जुर्माना वसूलने से नाराज दुकानदारों की जांच टीम के साथ नोकझोंक भी हुई। दुकानदारों का आरोप था कि नगर निगम के अधिकारी उन वस्तुओं पर भी जुर्माना वसूलने की कोशिश कर रहे हैं, जिनपर अगले चरण में बैन लागू होना प्रस्तावित है। इसके बाद टीम पादरी बाजार पहुंची। चौराहे के पास मीट, मछली, फ ल और सब्जी बेचने वाले दुकानदारों ने पॉलीथिन को गड्ढों में फेंकना शुरू कर दिया। नगर निगम के अधिकारियों ने फ टकार लगाते हुए दोबारा ऐसा नहीं करने की चेतवानी दी। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी ने बताया कि पॉलीथिन पर लगातार अभियान चलाया जाएगा।
व्यापारियों ने सरकार की दोहरी नीति पर नाराजगी जताई
गोरखपुर। पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल ने पॉलिथीन बैन पर दोहरा मापदंड अपनाने पर नाराजगी जताई। व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रमेश चंद्र गुप्त ने कहा कि सरकार का पॉलिथीन पर प्रतिबंध लागू करना निश्चित तौर पर सराहनीय है, लेकिन बहुराष्ट्रीय कंपनियों को भी इस दायरे में लाया जाना चाहिए। इसके साथ बड़े और मझोले व्यापारियों को राहत देते हुए छह महीने का समय दिया जाए। ताकि स्टॉक खत्म हो सके। इससे व्यापारियों को करोड़ों के नुकसान से बचाया जा सकता है। वहीं गोरखपुर डिस्पोजल एसोसिएशन ने भी बैठक कर आगे की रणनीति बनाई।