महामना मदन मोहन मालवीय की जयंती सोमवार को श्रद्धा के साथ मनाई गई। शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया।
एमएमएमयूटी में कुलपति प्रो. एसएन सिंह ने महामना के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनकी जीवन शैली से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उनके आदर्शों का हमें अपने जीवन में अनुसरण करना चाहिए। इसके बाद प्रशासनिक भवन में हवन-पूजन किया गया। मारवाड़ बिजनेस स्कूल में एनएसएस इकाइयों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. संतोष त्रिपाठी ने कहा कि पंडित मदन मोहन भारतीय संस्कृति से इतने प्रभावित थे कि इसके प्रसार के लिए उन्होंनेे जनमानस में संकल्प, आत्मविश्वास, स्वाभिमान और भारतीयता के प्रति अनुुराग पैदा करने का प्रयास किया। संचालन डॉ. प्रमोद त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर प्रशांत शुक्ल, निशा शाही, प्रशांत त्रिपाठी, स्नेहा, रितिका आदि मौजूद रहीं।
विद्या मंदिर शिक्षण संस्थान रहमतनगर में गोष्ठी हुई। इस दौरान जयदीप यादव, निधि सिंह, अफजल अंसारी, आशीष कुमार, किरण यादव, शीतल कनौजिया, पूर्णिमा, अंजलि, जयलक्ष्मी आदि मौजूद थीं। सनातन ब्रह्म सभा की ओर से आयोजित कार्यक्र्रम में मुख्य अतिथि गोरखपुर यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के अध्यक्ष प्रो. जीतेंद्र मिश्र ने महामना की उपलब्ध्यिों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रो. एसके दीक्षित, पद्माकर त्रिपाठी, प्रदीप नाथ शुक्ला, डॉ. प्रदीप पांडेय, विकास त्रिपाठी, धनंजय उपाध्याय, डॉ. अविनाथ त्रिपाठी आदि शामिल थे।
मोती बीए भोजपुरी संस्थान में भी मालवीय जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर शिक्षा के बाजारीकरण, सस्ती व सार्वभौमिक शिक्षा विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में सिद्धार्थ प्रिय उपाध्याय, अमित चटर्जी, अजय कुमार, विवेक कुमार अश्क, प्रवीण कुमार, मयंक राय आदि मौजूद थे।
संकल्प दिवस के रूप में मनाई महामना की जयंती
अखिल भारतीय ब्राह्मण सभा की ओर से पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती सोमवार को चरगांवा स्थित एक मैैरिज हॉल में संकल्प दिवस के रूप में मनाई गई। मुख्य अतिथि पूर्वोत्तर रेलवे के रिटायर्ड मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. राकेश त्रिपाठी ने कहा कि महामना ने समाज को एकता और मानवता के धागे में सजोने का काम किया। कार्यक्रम में रघुपति मणि, रामचंद्र शुक्ल, शरद चंद पांडेय, शिव देव शुक्ल, अभय पाठक, अजय तिवारी, अनूप पांडेय, डॉ. सुधांशु तिवारी, प्रकाश चंद दुबे, श्याम मोहन त्रिपाठी आदि मौजूद थे।