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गुरु गोरक्षनाथ के सिद्धांत पर रिसर्च करेंगे यूनिवर्सिटी स्कालर

Wed, 22 Nov 2017 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी। - फोटो : Amar Ujala
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यूनिवर्सिटी में अब नाथ पंथ के प्रवर्तक गुुरु गोरक्षनाथ के सिद्धांत दर्शन पर युवा रिसर्च करेंगे। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शोध पीठ की स्थापना के लिए कवायद शुरू करते हुए संस्कृत विभाग के पूर्व हेड प्रो. मुरली मनोहर पाठक की अगुवाई में तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। समिति में प्रो. रवि शंकर सिंह और प्रो. विनोद सिंह बतौर सदस्य शामिल हैं।
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कमेटी गोरक्षनाथ शोध पीठ और दीनदयाल शोध केंद्र का अध्यादेश तैयार करेगी। प्रस्ताव तैयार होने के बाद उसे कार्यपरिषद के समक्ष पेश किया जाएगा और फिर शासन के पास भेजा जाएगा। यूनिवर्सिटी के जनसंपर्क अधिकारी प्रो. हर्ष कुमार सिन्हा ने बताया कि प्रशासनिक भवन स्थित पूर्वांचल संग्रहालय के प्रथम तल को पीठ का केंद्र बनाया जाएगा। पूर्व गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने पीठ की रूपरेखा तैयार की थी। अब उसे अध्यादेश में शामिल किए जाने के लिए नई कमेटी बनाई गई है।

दीन दयाल शोध केंद्र को भी मिल चुकी है मंजूरी
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध केंद्र खोलने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही 50 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत कर दिया है। केंद्र की मदद से ग्रामीण क्षेत्रों में शोध किया जाएगा। पहले संयोजक भूगोल के विभागाध्यक्ष प्रो. केएन सिंह बनाए गए हैं। सह संयोजक की जिम्मेदारी डॉ. संजीत गुप्ता और प्रो. एनपी भोक्ता को मिली है। शोध केंद्र दिसंबर से काम करेगा। पूर्वांचल संग्राहल का प्रथम तल शोध पीठ का केंद्र बनाया जाएगा।
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