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प्रशासन की सख्ती पर एसआईसी विवाद का पटाक्षेप

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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
जिला अस्पताल में एसआईसी पद को लेकर चल रहा घमासान मंगलवार को खत्म हो गया। सीओ अभय मिश्र के साथ पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट वीके श्रीवास्तव ने स्थानांतरण और रिलीव होने के बावजूद एसआईसी की कुर्सी पर आ जमे डॉ. एचआर यादव को हटाकर डॉ. दिनेश कुमार सोनकर को कार्यभार दिलाया।
जिला अस्पताल में शनिवार से जारी इस हाई प्रोफाइल ड्रामे के चलते व्यवस्था चरमराने लगी थी। मामले की शिकायत डॉ. सोनकर ने डीएम से की थी। एडी हेल्थ ने भी डीएम को पत्र भेजकर डॉ. सोनकर को एसआईसी बताते हुए उन्हें काम करने के लिए सुरक्षा मुहैया कराने का अनुरोध किया था। उनके पत्र को डीएम ने एडीएम को मार्क किया था। इस पर एडीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को आदेशित करते हुए डॉ. सोनकर को चार्ज दिलाने के लिए कहा था। इसी क्रम में मंगलवार की सुबह सिटी मजिस्ट्रेट सीओ के साथ अस्पताल पहुंचे। एसआईसी कक्ष में बैठे डॉ. एचआर यादव को रिलीव लेटर देते हुए कुर्सी छोड़ने के लिए कहा तो उन्होंने कोर्ट का आदेश दिखाया। सिटी मजिस्ट्रेट ने उसे मानने से इन्कार कर दिया। कहा कि आप तीन जून को रिलीव हो चुके हैं, जबकि आदेश 15 जून का है। ऐसे में आपको कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। इस पर डॉ. एचआर यादव कमरे से बाहर चले गए। इसके बाद डॉ. दिनेश कुमार सोनकर ने एसआईसी की कुर्सी संभाल ली। इस मौके पर वहां सिटी मजिस्ट्रेट वीके श्रीवास्तव, सीओ कैंट अभय मिश्र, एसएसआई कोतवाली बृजेश सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
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ये है घटनाक्रम
डॉ. एचआर यादव ने 30 सितंबर 2014 को एसआईसी का पद संभाला था। एक जून 2017 को उनका परिवार कल्याण निदेशालय लखनऊ में तबादला हो गया था लेकिन वह ज्वाइन करने के बजाय छुट्टी पर चले गए। तीन जून 2017 को एडी हेल्थ ने डॉ. डीके सोनकर को अस्पताल का एसआईसी नियुक्त कर दिया। इसी बीच हाईकोर्ट के स्थगन आदेश लेकर जिला अस्पताल पहुंचे डॉ. एचआर यादव ने 17 जून खुद को एसआईसी बताते हुए काम शुरू कर दिया।
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डॉ. सोनकर की पर्सनल फाइल ले गए
डॉ. एचआर यादव अस्पताल से जाते जाते नवागत एसआईसी डॉ. दिनेश कुमार सोनकर की पर्सनल फाइल बाबू से मांगकर अपने साथ ले गए। इम मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉ. सोनकर ने पूर्व एसआईसी व लिपिक जयप्रकाश के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है। इतना ही नहीं, इस मामले में उन्होंने फोन से पुलिस के उच्चाधिकारियों को भी अवगत कराया है।
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