महराजगंज। बगैर लाइसेंस के आर्केस्ट्रा, डीजे और बैंडबाजा पार्टी चलाने वालों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। मनोरंजन कर विभाग ने इसके लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। आर्केस्ट्रा समेत 40 बैंडबाजा पार्टियों को नोटिस भेजा गया है। इन सभी को एक सप्ताह के अंदर लाइसेंस लेने की हिदायत दी गई है। बिना लाइसेंस आर्केस्ट्रा, डीजे और बैंडबाजा पार्टी चलाने पर 10 हजार रुपये जुर्माना या तीन माह की सजा का प्रावधान है।
फरेंदा क्षेत्र के 40 आर्केस्ट्रा और बैंडबाजा संचालकों को नोटिस भेजा गया है। नोटिस के माध्यम से यह बताया गया है कि जल्दी से शुल्क जमा कर लाइसेंस प्राप्त करें। बुकिंग के लिए प्राप्त की जाने वाली रकम का 25 प्रतिशत शुल्क लेकर लाइसेंस जारी किया जाता है। नान क्लासिकल संगीत के लिए मनोरंजन शुल्क करना जरूरी है। इस दायरे में आने वाले सभी संचालको को लाइसेंस लेकर ही कारोबार करना होगा। नगीना बैंड मथुरानगर, शुभम डीजे, प्रीत डीजे, साकर डीजे कम्हरिया, खुर्दसूरज बैंड जंगल जोगिया बारी, बाजा डीजे बड़हरा समेत 40 संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। लाइसेंस न बनवाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक सप्ताह के अंदर शुल्क जमा कर लाइसेंस नहीं बना तो जुर्माना लगाते हुए आरसी जारी होगी।
बीते वित्तीय वर्ष में 1 लाख 76 हजार रुपये शुल्क जमा कराए गए। चालू वित्तीय वर्ष में 1 लाख 33 हजार रुपये मनोरंजन शुल्क जमा हुआ है। वर्ष 2016-17 में 38 आर्केस्ट्रा, डीजे, बैंडबाजा संचालकों ने लाइसेंस लिया। वर्ष 2017-18 में 30 लाइसेंस जारी हुए हैं।
मनोरंजन कर निरीक्षक रमेशचंद्र का कहना है कि मनोरंजन शुल्क जमा कराने के लिए प्रयास जारी है। फरेंदा क्षेत्र में 40 लोगों को लाइसेंस बनवाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। अगर एक सप्ताह के अंदर लाइसेंस नहीं बना तो जुर्माना लगाकर आरसी जारी की जाएगी।