गोरखपुर। पूर्वांचल सिख प्रतिनिधि सभा ने जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्ष पूरे होने पर शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। पैडलेगंज में हुई बैठक में सरदार गुरविंदर सिंह बग्गा और दलजीत सिंह ने कहा कि अमृतसर स्थित जलियांवाला बाग में 13 अप्रैल को 1919 को शांतिमय तरीके से सभा कर रहे निहत्थे लोगों पर ब्रिटिश सरकार ने गोलियां बरसाई थीं। ये घटना भारत में ब्रिटिश सरकार की ओर से किया गया सबसे बड़ा नरसंहार था। सरकार को इस दिन को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करना चाहिए।
सरदार जसप्रीत सिंह और हरजीत सिंह ने कहा कि जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेने के लिए उधम सिंह ने ब्रिटेन में जाकर दोषी जनरल डायर को भरी सभी में मौत के घाट उतार दिया था। इस जघन्य कांड के बाद भी आज तक ब्रिटिश सरकार ने इसके लिए देश से माफी नहीं मांगी है। सरकार से मांग है कि वो सिख समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए, इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए।
बैठक में करतार सिंह, तेजिंदर सिंह, सतपाल सिंह कोहली, राजेंद्र सिंह, तेजपाल सिंह, रघुवीर सिंह, बलवीर सिंह, अमरीक सिंह, कुलदीप कौर, जसबीर कौर, जसकीरत कौर, कृपा, रौनक, कुलदीप सिंह आदि मौजूद रहे।
कैंडल जलाकर देंगे श्रद्धांजलि
गोरखपुर। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा जटाशंकर की ओर से जलियांवाला बाग नरसंहार के 100 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान सिख समाज के लोग कैंडल जलाकर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे। अध्यक्ष जसपाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का आयोजन शाम 5 बजे शास्त्रीचौक से होगा। वहीं शाम आठ बजे गुरुद्वारा में काव्य गोष्ठी और लंगर का आयोजन होगा।
बैसाखी पर्व कल
गुरुद्वारा जटाशंकर में रविवार को खालसा साजना दिवस (बैसाखी) पर्व हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया जाएगा। सुबह 9 बजे से दोपहर 3:30 बजे और शाम 7 से रात 10 बजे तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन होगा।