गोरखपुर। ब्रह्मलीन गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि में हिस्सा लेने आए श्रीराम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद डॉ. राम विलास दास वेदांती ने कहा कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा। इसकी रूपरेखा तय हो चुकी है। लोकसभा चुनाव से पहले (दिसंबर 2018) ही मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। 2019 तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मस्जिद का निर्माण लखनऊ में कराने की योजना है।
पुण्यतिथि समारोह में हिस्सा लेने के बाद राम विलास दास वेदांती ने मीडिया कर्मियों से बात की और कहा कि 29 अक्तूबर से अयोध्या मामले की सुनवाई शुरू होगी। उम्मीद है कि ऐतिहासिक फैसला आएगा। जहां रामलला विराजमान हैं, वहीं भव्य मंदिर बनेगा। अयोध्या से बाहर मुसलमान जहां चाहेंगे, वहां मस्जिद बनवाई जाएगी। खुदा, अल्लाह, इस्लाम के नाम और कुरान की आयत के अनुसार मस्जिद बनेगी। बाबर आतंकवादी, लुटेरा था, उसके नाम से मस्जिद का निर्माण नहीं होगा। देश के 80 फीसदी मुसलमान शांति चाहते हैं। वे हिंदुओं के साथ मिलकर मंदिर बनवाएंगे। आपसी समझौते और सहमति से भी मंदिर बनवाने की कोशिश चल रही है, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समर्थन मिला है।
पीएम की तारीफ की, बोले जल्द शिकंजे में होगा हाफिज
न्यास के अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की और कहा कि उनकी कारगर रणनीति जल्द ही देश, दुनिया के सामने होगी। आतंकी हाफिज सईद भारत के शिकंजे में होगा। स्विस बैंक में काले धन पर बड़ा फैसला लिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी कर आतंकी संगठनों की कमर तोड़ दी है। इससे कुछ लोग बौखला गए हैं। वह दूसरे देश की मदद से भारत की शांति व्यवस्था को भंग करने की कोशिश में लगे हैं। प्रधानमंत्री का मंत्र सबका साथ सबका विकास है।
कपिल, चिदंबरम पर निशाना साधा
श्रीराम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष ने कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, पी. चिदंबरम और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के जफरयाब जिलानी को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि ये लोग पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं। सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े, इसके लिए पाकिस्तानी आतंकवादी हाफिज सईद फंडिंग कर रहा है।
इस्लाम से बेदखल का फतवा नहीं दे सकते ईरान, भारत के मुसलमान
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी को इस्लाम से बेदखल किए जाने से संबंधित सवाल पर राम विलास दास वेदांती ने कहा कि यह अधिकार सिर्फ मक्का-मदीना के इमाम के पास है। उनका फतवा मान्य होगा। ईरान या फिर भारत के इमाम किसी को इस्लाम से बेदखल करने का फतवा नहीं दे सकते। शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाखिल किया है। इसमें कहा है कि मुसलमान लखनऊ में जहां चाहें, वहां मस्जिद बन सकती है। सरकार भूमि अधिग्रहीत करके देने को तैयार है।