गोरखपुर। गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन में लिफ्ट में रविवार की शाम एक मजदूर फंस गया। काफी कोशिश के बाद भी जब लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला तो वह मदद की गुहार लगाने लगा। आवाज सुनकर सुरक्षा गार्ड पहुंचे और लिफ्ट का दरवाजा खोलकर बाहर निकाला गया। करीब 20 मिनट तक फंसे मजदूर की हालत खराब हो गई। कुछ देर आराम करने के बाद उसे जाने दिया गया। प्रशासनिक भवन की छत पर सोलर पैनल लगाने वाले अन्य मजदूर सीढ़ियों से चले गए थे। करीब पांच बजे काम खत्म करने के बाद एक मजदूर छत से नीचे उतरने के लिए लिफ्ट में चढ़ा।
तब पंखा बंद था। वह लिफ्ट से सकुशल नीचे आ गया, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। मजदूर पहली बार अकेले लिफ्ट में सवार हुआ था, लिहाजा डर कर मदद की गुहार लगाने लगा। बाहर बैठे गार्ड प्रमोद कुमार तक उसकी आवाज पहुंच गई और वह भाग कर मौके पर पहुंचे। उन्होंने पहले इशारे से उसे फैन ऑन करने के लिए कहा, तब जाकर मजदूर को थोड़ी राहत मिली। इसके बाद गार्ड ने मुख्य नियंता प्रो गोपाल प्रसाद को सूचना दी। उन्होंने तत्काल इलेक्ट्रिक स्टॉफ को बुलाया। तब भी लिफ्ट का दरवाजा नहीं खुला। तब लिफ्ट के इंजीनियर को बुलाया गया। इंजीनियर के कमरे से चाबी निकालकर लिफ्ट का लॉक खोला गया। इंजीनियर श्रवण कुमार के अनुसार लिफ्ट में कोई तकनीकी खराबी नहीं है। लिफ्ट को लॉक करा दिया गया है। तकनीशियन से चेक कराने के बाद ही इस्तेमाल किया जाएगा।