गोरखपुर। करीब 70 किलोमीटर की रफ्तार से रविवार देर रात आई आंधी और बारिश की वजह से लोग दहशत में रहे। कई जगह बिजली के खंभे गिर गए, टिन शेड उड़ गए। पेड़ उखड़ने और उनकी टहनियां टूटने से यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हुई। आंधी के बाद बारिश और ओलावृष्टि की वजह से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं आंधी के दौरान जिले के बेलीपार इलाके के कतरारी गांव में 50 वर्षीय एक महिला की छत से गिरने से मौत हो गई।
आंधी और बारिश का प्रभाव सोमवार सुबह दिखा। कई इलाकों में बिजली-पानी की किल्लत शुरू हो गई। टूटी टहनियों और उखड़े पेड़ों ने रास्ता रोक दिया। दाउदपुर, गोलघर, डीएम कार्यालय परिसर समेत शहर के विभिन्न जगहों पर दोपहर तक पानी जमा रहा। मात्र 32 मिलीमीटर बारिश में शहर के विभिन्न इलाकों में जलभराव से लोग नगर निगम की नाला सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाते दिखे। सबसे ज्यादा नुकसान क्रय केंद्र पर खुले आकाश के नीचे रखे गेहूं को हुआ। टनों गेहूं पानी में भीग गए। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि रविवार को राजस्थान से उठी चक्रवाती हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पूर्वी उत्तरप्रदेश में भी अच्छी बारिश हुई। हवा की गति इतनी तेज थी कि इसे बरेली से गोरखपुर पहुंचने में मात्र चार घंटे लगे, जबकि सामान्य तौर पर आठ घंटे का समय लगता है।
आठ डिग्री लुढ़का पारा
बारिश की वजह से मौसम सुहाना हो गया। न्यूनतम ही नहीं अधिकतम तापमान में करीब आठ डिग्री की गिरावट आ गई। रात 11 बजे से रात दो-ढाई बजे तक हुई बारिश की वजह से सोमवार के न्यूनतम तापमान 26 डिग्री से लुढ़ककर 19 डिग्री हो गया। अधिकतम तापमान भी लुढ़ककर करीब 32 डिग्री हो गया। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि मंगलवार को तापमान भी सामान्य रहेगा। शहर में बारिश की उम्मीद बहुत कम है, हालांकि जिले के दक्षिणी इलाके में बारिश हो सकती है।
आंधी ने गुल की बिजली, पानी का भी संकट
गोरखपुर। आंधी के बाद शहर के कई इलाकों की बिजली गुल गई। इसकी वजह से लोगों को पानी के संकट का भी सामना करना पड़ा।
आंधी शुरू होते ही एहतियातन बरहुआ ट्रांसमिशन स्टेशन से बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई। आंधी और बारिश बंद होने के बाद बरहुआ से आपूर्ति बहाल तो हुई, लेकिन शहर के कई क्षेत्रों में पूरी रात अंधेरा रहा। पोल गिरने, तार पर पेड़ की डाली गिरने से चरमराई बिजली आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने में घंटों लग गए। शहर के कुछ इलाकों में तो दोपहर बाद बिजली आपूर्ति बहाल कराई जा सकी। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
चरगांवा फ ीडर से जुड़े क्षेत्रों में 15 घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में 10 घंटे आपूर्ति बाधित रहने से पानी के लिए लोग परेशान हो गए। सुबह के समय बच्चों को तैयार कर स्कूल भेजने में अभिभावकों को काफ ी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। हैंडपंप के सहारे लोगों ने किसी तरह काम चलाया। मेडिकल कॉलेज के सामने तीन पोल, खजांची चौराहे के पास भी एक पोल, नार्मल क्षेत्र में दो पोल टूट गए। रानीबाग में पेड़ की डाली तार पर टूटकर गिर जाने से आपूर्ति काफ ी समय तक बाधित रही। एसडीओ राप्तीनगर अजय कुमार ने बताया कि खजांची चौराहे के पास पोल और तार टूटने से चरगांवा फ ीडर से जुड़े क्षेत्रों में आपूर्ति बाधित रही। इस फ ीडर से करीब 2500 उपभोक्ता जुड़े हुए हैं। मेडिकल कॉलेज इलाके में सुबह नौ बजे बिजली आपूर्ति के बाद बहाल हो सकी। एसडीओ रुस्तमपुर प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि नार्मल क्षेत्र में दो खंभे टूटने और रानीबाग क्षेत्र में पेड़ की डाली टूटकर तार पर गिरने से आपूर्ति बाधित हुई। सुबह पेट्रोलिंग करने के बाद खंभाें और तार को ठीक कराकर आपूर्ति बहाल करा दी गई।