गोरखपुर। प्रसिद्ध लोक गायिका मैनावती देवी का गुरुवार की सुबह निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 75 वर्ष की थीं। तबियत बिगड़ने पर उन्हें 24 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ दिनों से उनकी हालत स्थिर थी। बुधवार की रात उनकी तबियत और खराब हो गई। उन्हें वेंटिलेटर पर भी रखा गया, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिश के बाद भी बचाया नहीं जा सका।
मैनावती देवी के निधन की सूचना मिलते ही उनके प्रशंसक और शुभेच्छु अस्पताल पहुंचने लगे। उनके आवास पर भी अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। लोगों ने मैनावती देवी के पुत्र लोक गायक राकेश श्रीवास्तव और उनके घर वालों को ढांढस बंधाया। दोपहर में उनकी अंतिम यात्रा निकली। इसमें शहर के कई कलाप्रेमी, शुभेच्छु और रिश्तेदार शामिल हुए। दो बजे राप्ती नदी के तट पर अंतिम संस्कार किया गया। पुत्र राकेश श्रीवास्तव ने मुखाग्नि दी।
मुख्यमंत्री ने गहरा दुख जताया
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मैनावती देवी के निधन पर गहरा दुख जताया है। उनके पुत्र राकेश श्रीवास्तव को फोन कर मुख्यमंत्री ने संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मैनावती देवी के निधन को लोक गायकी समेत समाज के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि आकाशवाणी गोरखपुर के माध्यम से मैनावती देवी ने भोजपुरी की जो सेवा की वह अविस्मरणीय रहेगी। सीएम ने विश्व हिंदू महासंघ की महिला प्रकोष्ठ के जरिये महिला सशक्तिकरण और हिंदू धर्म के प्रति चेतना जागृत करने में उनके महत्वपूर्ण योगदान को भी याद किया और कहा कि उनके निधन से जो क्षति हुई है उसे सहज पूरा कर पाना संभव नहीं।
संस्कार गीतों पर किया व्यापक काम
लोक गायिका मैनावती देवी आकाशवाणी एवं दूरदर्शन केंद्र की बी-हाई श्रेणी की कलाकार थीं। आकाशवाणी गोरखपुर की स्थापना वर्ष 1974 में हुई, तभी से वह इससे जुड़ी रहीं। उन्हें संस्कार गीतों पर विशेष काम के लिए भी जाना जाता है। उनके निधन पर आकाशवाणी गोरखपुर और दूरदर्शन केंद्र गोरखपुर से जुड़े कलाकारों एवं अधिकारियों ने भी शोक संवेदना व्यक्त की।