छात्राओं ने व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई।
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पालक, इडली की सुगंध जहां विद्यार्थियों को अपनी और खींच रही थी, वहीं चना, पालक, कबाब, बेज बिरयानी मुंह में पानी लाने को पर्याप्त थे। बाजरे का फारा, दही बड़ा समेत अन्य रेसिपी भी लोगों को ललचाने के लिए आतुर थीं। लौकी का जूस और अंकुरित चना के साथ खाने की बेहतरीन वैरायटी मधुमेह का असर घटाने के साथ ही पनी महत्ता सभी के बीच फैला रही थी। मौका था विश्व मधुमेह दिवस पर गोरखपुर यूनिवर्सिटी के गृह विज्ञान विभाग की छात्राओं द्वारा लगाए गए व्यंजनों की प्रदर्शनी का।
प्रदर्शनी का हर व्यंजन आगंतुकों को स्वाद के साथ बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जागरूक कर रहा था। सभी ने छात्राओं के इस प्रयास की भरपूर सराहना की। इस अवसर पर रंगोली प्रतियोगिता भी हुई, जिसमें छात्राओं ने खाद्य पदार्थों की मदद से रंगोली बनाई। अभिलाषा दुबे, वंदना त्रिपाठी, शिवांगी गुप्ता, रूपाली नायक, शिवांगी मिश्रा और हर्षिता दुबे की टीम को पहला स्थान मिला। विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या रानी सिंह ने टीम को सम्मानित किया।
इसके पूर्व विभाग की ओर से विश्व मधुमेह दिवस पर जागरूकता रैली निकाली गई। ये रैली विभाग से शुरू होकर, दीक्षा भवन, वाणिज्य संकाय, विधि विभाग होते हुए यूनिवर्सिटी गेट, कला संकाय होते हुए वापस विभाग पर समाप्त हुई। इस दौरान छात्राओं ने लोगों को डायबिटीज से होने वाली गंभीर बीमारियों के प्रति सचेत किया गया। रैली में प्रो. उमा श्रीवास्तव, प्रो. अनिल यादव, डॉ. उपेंद्र त्रिपाठी, डॉ. अनिल द्विवेदी, प्रो. राजवंत राव, डॉ. शरद मिश्रा, प्रो. उपेंद्र नाथ तिवारी आदि शामिल थे।