मूट कोर्ट के उद्घाटन के मौके पर मौजूद विद्यार्थी।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी के विधि विभाग के विद्यार्थी अब करीब से अदालती बहस को देख सकेंगे। इससे जहां उनकी सोचने समझने की शक्ति का विकास होगा। वहीं विधि व्यवसाय से जुड़ी अन्य अहम जानकारियां एक ही छत के नीचे हासिल कर सकेंगे। मंगलवार को लंबे इंतजार के बाद आखिरकार विधि विभाग में बने मूट कोर्ट का कुलपति प्रो. वीके सिंह ने फीता काटकर उद्घाटन किया।
कुलपति ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए विधि का ज्ञान बेहद जरूरी है। विधि का ज्ञान अगर मात्र सिद्धांतिक होगा तो यह अधूरा रह जाता है। इस सिद्धांत को धरातल पर उतारने में मूट कोर्ट की अहम भूमिका होगी। विधि संकाय के पूर्व अधिष्ठाता प्रो. आरएन प्रसाद ने इसे न्यायिक कार्रवाइयों को प्रयोगात्मक रूप में समझने और आचरण करने का माध्यम बताया।
कार्यक्रम को विधि विभाग के डीन प्रो. जितेंद्र मिश्र ने भी संबोधित किया। आभार ज्ञापन रजिस्ट्रार शत्रोहन वैश्य और संचालन छात्र शुभम सत्यदेव ने किया। कार्यक्रम में डीन आर्ट्स प्रो. एस के दीक्षित, प्रो. चितरंजन मिश्र, प्रो. शैलजा सिंह, प्रो. राजवंत राव, प्रो.अजय शुक्ला, प्रो. मुकुंद शरण त्रिपाठी, प्रो. सुधीर श्रीवास्तव, प्रो. संदीप दीक्षित आदि मौजूद थे।