बस्ती। आधी रात को कपाट खुलते ही भद्रेश्वरनाथ धाम में शुरू हुआ जलाभिषेक शुक्रवार शाम तक चलता रहा। कई साल बाद शांति से संपन्न हुए जलाभिषेक से प्रशासन ही नहीं दुकानदारों और आमजन ने भी राहत की सांस ली है। टांडा घाट से इस बार कांवड़ियों के जल भरने से शहर से लेकर हाईवे तक दबाव काफी कम रहा।
अयोध्या के सरयू तट से जल लेकर चले कांवड़ियों ने बृहस्पतिवार की आधी रात से ही भद्रेश्वरनाथ धाम में जलाभिषेक शुरू कर दिया। पूरा क्षेत्र बोल बम के नारे से गूंजता रहा। बाबा भद्रेश्वरनाथ, दुबौला क्षेत्र के बाबा भारीनाथ, देवरियामाफी शिवमंदिर, कड़र मंदिर समेत जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में करीब चार लाख से अधिक श्रद्धालुओं के जलाभिषेक करने का अनुमान है।
हर-हर महादेव के जयकारे लगाते भद्रेश्वरनाथ धाम के प्रत्येक मार्ग पर सिर्फ शिवभक्त ही नाचते-गाते नजर आ रहे थे। भगवा से पटे शहर में इस दौरान भारी भीड़ रही। डीएम अरविंद कुमार सिंह और एसपी संकल्प शर्मा पल-पल की गतिविधियों पर नजर जमाए रखे। चप्पे-चप्पे पर तैनात पुलिस, पीएसी और होमगार्ड श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा में तत्पर दिखे। भद्रेश्वरनाथ से लेकर शहर तक की दोनों पटरियों पर दुकानें और सहायता शिविर लगे हैं। यहां कांवड़ यात्रियों को चाय-नाश्ते से लेकर इलाज और मनोरंजन तक के इंतजाम किए गए थे। भद्रेश्वरनाथ के अलावा तिलकपुर, देवरिया, महादेवा के अलावा जिले के सबसे विवादित धार्मिक स्थल कड़र मंदिर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजामात किए गए थे। मेले के प्रवेश द्वार पर इंटेलीजेंस के अधिकारी डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) से चेेकिंग करते रहे। बनकटी प्रतिनिधि के मुुताबिक बेहिल, कोरऊ, बानपुर पिड़िया, थाल्हापार आदि शिव मंदिरों पर जलाभिषेक भोर से शुरू हो गया। भंडारे, प्रसाद वितरण और मेले का भी श्रद्धालुओं ने आनंद उठाया।
घायल कांवड़ियों ने जलाभिषेक किया
बनकटी कस्बे से मिनी ट्रक पर साउंड सिस्टम रखकर नाचते-गाते अयोध्या से वापस आ रहे कांवड़िए साउंड बॉक्स गिरने से जख्मी हो गए। वे रात करीब 11 बजे शहर के कंपनी बाग पहुंचे ही थे कि मिनी ट्रक पर रखे साउंड सिस्टम भरभराकर गिर गए। इसकी चपेट में आने से सूरज, जितेंद्र, उमाशंकर, अमरनाथ घायल हो गए। अन्य कांवड़ यात्रियों ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद शुक्रवार की सुबह 10 बजे उन्हें घर भेज दिया। चोटिल शिव भक्तों ने थालेस्वर नाथ शिव मंदिर पर दोपहर जलाभिषेक किया।
कस्बों और ग्रामीणांचल में भी बोलबम
हर्रैया। भक्ति भाव से सराबोर श्रद्धालुओं ने सावन के तेरस (शिवरात्रि) को विभिन्न शिवालयों में महादेव का जलाभिषेक किया। मंदिरों में रुद्राभिषेक कार्यक्रम चलते रहे। सावन में भगवान शंकर के भूलोक पर विचरण करने से तेरस और सोमवार का महत्व बढ़ जाता है। मनो वांछित फल प्राप्त करने के लिए लोग पूजन-अर्चन कर आराध्य को मनाते हैं। इसी क्रम में पूूरे क्षेत्र के शिवालयों में दिनभर कार्यक्रम होने से वातावरण में अगरबत्ती, कपूर की सुगंध बिखरी रही। बड़ी संख्या में शिव भक्त अयोध्या के पावन सरयू नदी से जल भरकर कंधे पर कांवड़ लेकर भद्रेश्वर नाथ मंदिर पर जलाभिषेक करते हैं। रानीपुर, थानेश्वर मंदिर थान्हाखास, नरायनपुर मिश्र, बरगदवा, महादेवरी, झुंगीनाथ औरातोंदा सहित क्षेत्र के मंदिरों में भारी भीड़ रही।
भारीनाथ शिवमंदिर में भारी भीड़
बभनान। बस्ती और दुबौला के बीच स्थित बाबा भारीनाथ शिव मंदिर वर्षों से शिव भक्तों की आस्था का केंद्र है। यहां तेरस और शिवरात्रि को हुजूम उमड़ता है। जलाभिषेक के साथ ही भव्य मेले का आयोजन भी होता है। गौर ब्लॉक के हरदी बाबू गांव के निकट स्थित बाबा भारीनाथ शिव मंदिर के महंत बाबा अजय पांडेय बताते हैं कि इस स्थान पर पहले घना जंगल था। महुआ के पेड़ की जड़ से शिवलिंग निकला था। गौरा गांव के तीरथदास ने शिवलिंग की पूजा-अर्चना शुरू की। तब से दिनोंदिन लोकप्रियता बढ़ती रही। अब चंदे से मुख्य मंदिर के चारों ओर शंकर मंदिर, हनुमान मंदिर, दुर्गा मंदिर, यज्ञशाला और धर्मशाला का निर्माण कराया गया है। बच्चों का मुंडन, कड़ाही आदि चढ़ा कर लोग श्रद्धा निवेदित करते हैं। सावन महीने में महामृत्युंजय जाप चलता है। कांवड़ मेले और शिवरात्रि को शिव भक्त अयोध्या से जल लेकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी सहभोज के साथ वस्त्र का भेंट किया जाता है।
खोया-पाया शिविर ने बिछड़े को मिलाया
बस्ती। कांवड़ यात्रा में समाचार पत्र वितरक जन कल्याण सेवा समिति की ओर से दो दिवसीय खोया-पाया शिविर लगाया गया। कई बिछड़ों को उनके परिवार और समूह से मिलाया गया। कांवड़ियों को उनके समूह से मिलवाया गया। भद्रेश्वरनाथ मंदिर के प्रवेश मार्ग पर लगे शिविर में डॉ. वीके वर्मा, डॉ. डीके गुप्ता ने कहा कि समाजसेवी जय प्रकाश गोस्वामी सभी महत्वपूर्ण पर्वों पर खोया-पाया शिविर लगाते हैं। इसमें अशोक कुमार गुप्ता, ब्रह्मदेव यादव देवा, महेंद्रनाथ यादव, डॉ. नवीन श्रीवास्तव, अंबिका सिंह, डॉ. एमके सिन्हा, कामाख्या पाण्डेय, गौतम यादव, अंकुर वर्मा समेत कई ने योगदान दिया।
विभिन्न स्थानों पर कांवड़ियों की धूम
बस्ती। बस्ती कांवरिया संघ चेरिटेबुल ट्रस्ट की ओर से भद्रेश्वरनाथ में शिव जागरण कराया गया। जागरण में भजन गायक बहादुर वर्मा ने भजन प्रस्तुत किया। भजन गायक पंकज गोस्वामी, धीरेंद्र सिंह, गुड्डू रंगीला, धन्नू सिंह ने भी भजन प्रस्तुत किए। जिम्मी झांकी ग्रुप की ओर से भगवान शिव की सुंदर झांकी निकाली गई। ट्रस्ट की तरफ से बड़ी संख्या में कांवड़ियों को भोजन के रूप में प्रसाद ग्रहण कराया गया।
बस्ती-अयोध्या मार्ग पर अनेक स्थानों पर चिकित्सा शिविर लगाए गए। पटेल एसएमएच हास्पिटल एंड आयुष पैरा मेडिकल कॉलेज गोटवा की ओर से तीन दिवसीय चिकित्सा शिविर लगाया गया। एसआरएस सेवा संस्थान एवं इप्का लेबोरेटरीज की ओर ये कटरा तिराहे पर से चिकित्सा शिविर का आयोजन हुआ। इसमें कई कांवड़ियों का इलाज किया गया। इसी तरह कांवड़िया धर्म संघ की ओर से जलाभिषेक का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।
गांव के शिवालयों पर जलाभिषेक
दुबौलिया। शिवरात्रि पर्व पर शुक्रवार को शिव मंदिरों पर भक्तों ने जलाभिषेक किया। क्षेत्र के झूगी नाथ, रमवापुर, नयकापार, सबई घीसा, हनुमान बाग चकोही, चुईलबाबू, लक्ष्मणपुर, देईडीहा बाजार, चिलमा बाजार, बैरागल, शुकुलपुरा, विशेषरगंज मंदिरों पर जलाभिषेक किया। भक्तों ने अयोध्या से जल भरकर मंदिरों पर रात 12 बजे जलाभिषेक करना शुरू कर दिया। कुछ भक्त बाइक से गए थे। बाकी भक्तों ने पैदल जल लाने के बाद विश्राम किया। वहीं, स्थानीय लोगों ने भोर में चार बजे से शिवलिंग पर जल चढ़ाना शुरू किया।