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जेल में छापा, मोबाइल और पैन ड्राइव मिला

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जेल में छापा मारने के बाद बाहर आते अधिकारी। - फोटो : Amar Ujala
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गोरखपुर।
जेल के अंदर से डॉक्टर से रंगदारी मांगे जाने के बाद मंगलवार को देर रात एडीएम सिटी और एसपी सिटी विनय सिंह ने शहर के सभी सीओ के साथ जिला कारागार में छापेमारी की। करीब तीन घंटे की चेकिंग के दौरान बैरक नंबर 14 से एक मोबाइल और दो सिम कार्ड मिले। जेल सूत्रों के मुताबिक मोबाइल मिलने के बाद अफसरों ने एक-एक बैरक की चेकिंग कराई। इस दौरान बड़े अपराधियों से पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ भी की।

सीएम के करीबी डॉक्टर शिव शंकर शाही से रंगदारी और फिर डॉक्टर की सीएम से शिकायत के बाद गोरखपुर पुलिस हरकत में आई है। मंगलवार की सुबह भी एसएसपी और फिर एसपी सिटी ने जेल पहुंचकर जांच-पड़ताल की थी। दिन भर की कवायद के बाद एक बार फिर रात दस बजे के करीब एसपी सिटी विनय सिंह सभी सीओ, शहर के थानेदारों को लेकर जेल पहुंचे। करीब तीन घंटे तक अफसर अंदर ही रहे। रात करीब साढ़े बारह बजे कुछ अफसर बाहर आए लेकिन कुछ ही देर में वे फिर अंदर चले गए। अफसरों को जेल के अंदर से मोबाइल, दो सिम कार्ड सहित कई आपत्तिजनक सामान मिले हैं। अभी तक बचने के लिए जांच की दलील देने वाले जेल के अफसर जेल से आपत्तिजनक सामान मिलने के बाद कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
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जेल में जांच के दौरान एक मोबाइल और दो सिम कार्ड मिला है। सिम के नंबर और नाम की जांच की जा रही है।
- विनय सिंह, एसपी सिटी

25 मिनट बाद बैरक में दाखिल हो पाई पुलिस
करीब 9:50 बजे जिला कारागार गेट पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को गेट में दाखिल होने के लिए दस मिनट का इंतजार करना पड़ा। मुख्य गेट पर तैनात सिपाही ने गेट खोलने से ही इंकार कर दिया था। वहीं बैरक भी 15 मिनट बाद ही खोले गए। पुलिस अफसरों को बैरक तक पहुंचने में 25 मिनट का समय लग गया है। इसे पुलिस अफसर संदेह के निगाह से देख रहे हैं।
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छुट्टी से लौटे वरिष्ठ जेल अधीक्षक
जेल के नवागत वरिष्ठ जेल अधीक्षक छुट्टी से वापस लौट आए। जेल से रंगदारी मांगे जाने और फिर पुलिस अफसरों के छापेमारी की खबर पाने के बाद वह छुट्टी से लौट आए है। मंगलवार की देर शाम वह जेल पहुंच गए थे।
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