जिले के 3705 बूथों में से करीब ढाई हजार विवादित माने जा रहे हैं। इन बूथों को प्रशासन ने चार श्रेणी में बांटा है। 1021 बूथ संवेदनशील, 880 अतिसंवेदनशील, 833 क्रिटिकल तो 814 बर्नेबल बूथ चिह्नित किए गए हैं। हालांकि क्रिटिकल और बर्नेबल बूथों को लेकर ही प्रशासन ज्यादा सजग है। सर्वाधिक 264 क्रिटिकल तथा 229 बर्नेबल बूथ शहर विधानसभा क्षेत्रों में हैं। वहीं खजनी में सर्वाधिक कम चार क्रिटिकल और एक बर्नेबल बूथ है। डीएम का कहना है कि ऐसे सभी बूथों का निरीक्षण कर वहां संवेदनशीलता की वजहों को दूर किया जा चुका है, बावजूद इसके इन बूथों पर प्रशासन और पुलिस की विशेष नजर रहेगी।
इन बूथों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ही भारी संख्या में फोर्स तैनात की जाएगी। जोनल मजिस्ट्रेटों को इनपर निरंतर नजर बनाए रखने को कहा गया है। संबंधित एसडीएम और सीओ को निर्देश दिए गए हैं कि इन बूथों वाले इलाकों में छोटी से लेकर बड़ी तक सभी घटनाओं पर नजर रखी जाए। अगर कोई भी अराजकता फैलाने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने के साथ ही आला अफसरों को भी सूचना दी जाए। उधर, डीएम-एसएसपी ने दोबारा सभी विवादित बूथों का निरीक्षण शुरू कर दिया है। इसी क्रम में उन्होंने गुरुवार को चौरीचौरा तहसील क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय देवीपुर, महादेवा और प्राथमिक विद्यालय डुमरी खास में बने बूथों का निरीक्षण कर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए मातहतों को कई जरूरी दिशा निर्देश दिए।
विस क्षेत्र संवेदनशील अति संवेदनशील क्रिटिकल बर्नेबल
कैंपियरगंज 103 132 201 190
पिपराइच 67 83 139 109
शहर 315 166 264 229
ग्रामीण 150 161 151 122
सहजनवां 53 67 4 129
खजनी 98 117 4 1
चौरीचौरा 74 71 33 10
बांसगांव 79 37 31 11
चिल्लूपार 82 46 6 13