गोरखपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नीर निकुंज के पार्टनरों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। साथ ही गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के अवर अभियंता रमापति वर्मा को नोटिस जारी करके 13 अगस्त तक जवाब मांगा है। जस्टिस जेजे मुनीर और जस्टिस अनिल कुमार (9 जे) की पीठ ने याचिकाकर्ताओं की अपील को प्रथम दृष्टया सुनवाई योग्य माना है।
जीडीए ने नीर निकुंज के साझेदारों के खिलाफ 17 जून को कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। अवर अभियंता रमापति वर्मा की तरफ से दी गई तहरीर में कहा गया था कि वाटर पार्क के लीज एग्रीमेंट की शर्तों के विपरीत नीर निकुंज में वाटर पार्क की गतिविधि के अलावा शादी सहित अन्य कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। पार्टनरशिप पर भी सवाल खड़े किए गए थे। मुकदमा दर्ज होने के बाद नीर निकुंज के पार्टनर दीपक अग्रवाल की पत्नी आरती अग्रवाल सहित चार अन्य ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। इस पर 21 जून को सुनवाई हुई। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि इस मामले की सुनवाई कमिश्नर कोर्ट में लंबित है फिर भी जीडीए की तरफ से जल्दबाजी में मुकदमा करा दिया गया।
लीज एग्रीमेंट के मुताबिक वाटर पार्क के मामले में कार्रवाई का अधिकार सिर्फ कमिश्नर को है। दलील सुनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने विवेचना के दौरान याचिकाकर्ताओं की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ ही एफआईआर कराने वाले अवर अभियंता को नोटिस देकर जवाब तलब किया है। इस मामले में जीडीए ने रोहित अग्रवाल वलानी, अर्जुन कुमार वलानी, दिनेश कुमार वलानी, आरती अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, श्याम बिहारी अग्रवाल, अनुज अग्रवाल और अभिषेक अग्रवाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।