गोरखपुर। कई अनसूचित जनजातियों को प्रमाणपत्र न मिलना गोरखपुर और बस्ती मंडल की बड़ी समस्या है। इस वजह से केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रहीं तमाम योजनाआें का लाभ उन जातियों (गोंड, खरवार, नायक) को नहीं मिल पा रहा है। उक्त बातें अनुसूचित जनजाति आयोग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनसुइया उड़के ने रविवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहीं।
गोरखपुर- बस्ती मंडल के तीन दिवसीय दौरे पर आईं अनसुइया ने रविवार सुबह सर्किट हाउस सभागार में अनसूचित जनजाति के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसके बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि यूपी की 13 जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया है। इनमें कई जातियों को प्रमाणपत्र जारी करने में जिला प्रशासन स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। कहा कि समाज के कई जातियों में आपस में विवाद भी है। इन समस्याओं की समीक्षा कर वह केंद्र सरकार को रिपोर्ट भेजेंगी। 25 जून को गोरखपुर-बस्ती मंडल के डीएम सहित अन्य अधिकारियाें और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक का भी कार्यक्रम है।
गोंड समाज के लोगों ने किया सम्मान
गोरखपुर। प्रादेशिक गोंड समाज महासभा की ओर से बशारतपुर स्थित एक मैरेज हाउस में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें अनुसूचित जनजाति आयोग की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनसुइया उड़के सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर शोभा गोंड रहीं। दुर्गा प्रसाद गोंड,कमलेश गोंड, सुआल प्रसाद, मदन मोहन प्रसाद, प्रमोद, रामआशीष आदि मौजूद रहे।