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सीबीआई टीम ने बंदीरक्षकों के दर्ज किए बयान

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सीबीआई - फोटो : Getty
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देवरिया। सीबीआई ने शनिवार को बंदी रक्षकों के बयान दर्ज किए। एक दर्जन अधिक बंदी रक्षकों ने अपना बयान दर्ज करा दिया है। वहीं स्थानांतरित होकर दूसरे जिलों की जेल में गए आधा दर्जन से अधिक बंदी रक्षकों को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है।
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देवरिया जेल कांड की जांच करने आई सीबीआई की एक टीम शनिवार को सुबह 10 बजे जेल पहुंच गई। यहां टीम ने एक दर्जन से अधिक बंदी रक्षकों का एक-एक कर बयान दर्ज किया। बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें पहले ही जानकारी दे दी गई थी। सीबीआई टीम के पहुंचने से पहले वे जेल परिसर में मौजूद थे। सीबीआई टीम ने एक-एक बंदी को बारी-बारी से बुलाया। सभी से पूछताछ कर उनका बयान दर्ज किया। अतीक अहमद से मिलने वालों के बारे में जानकारी ली गई। सीबीआई टीम ने बंदी रक्षकों से जानकारी ली कि आखिर जेल के जिम्मेदार अधिकारी अतीक पर सख्ती क्यों नहीं दिखा पा रहे थे। जेल कांड के बाद आधा दर्जन से अधिक बंदी रक्षक स्थानांतरित होकर दूसरी जेलों में चले गए। सीबीआई टीम ने उनको भी बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया है। इससे उम्मीद की जा रही है कि सीबीआई टीम अभी दो से तीन दिन और जिले में रुकेगी।

सीबीआई ने पूछताछ कर पूर्व जेल अधीक्षक को छोड़ा
देवरिया। सीबीआई टीम ने पूछताछ के बाद पूर्व जेल अधीक्षक दिलीप कुमार पांडेय को छोड़ दिया। अब सीबीआई टीम जरूरत पड़ने पर लखनऊ में ही उनसे पूछताछ करेगी। शुक्रवार की देर रात को वे लखनऊ के लिए रवाना हो गए। गुरुवार की शाम से ही सीबीआई टीम देवरिया कांड की जांच करने के लिए आई है। पहले दिन सीबीआई टीम ने जेल के बैरक नंबर सात में पहुंचकर जांच-पड़ताल की। मुलाकाती रजिस्टर खंगाला गया। पीड़ित मोहित जायसवाल ने सीबीआई टीम को वह जगह बताया, जहां उसकी पिटाई की गई थी। दूसरे दिन सीबीआई टीम ने डीएम-एसपी से मुलाकात की। इसके बाद जेल पहुंचकर निलंबित किए जा चुके पूर्व जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय, जेलर मुकेश कुमार कटियार, डिप्टी जेलर देवकांत यादव, हेड वार्डर मुन्ना पांडेय, वार्डर राकेश शर्मा से पूछताछ की। शुक्रवार की रात को सीबीआई टीम ने पूर्व जेल अधीक्षक को छोड़ दिया। उनको हिदायत दी गई कि वह लखनऊ में ही रहेंगे। जब भी जरूरत होगी, उन्हें कैंप कार्यालय पर पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि रात में पूर्व जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय लखनऊ चले गए।
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नहीं मिला मुलाकाती पत्र
माफिया अतीक अहमद से मिलने वालों की तादाद जेल में अधिक रहती थी। एक पत्र लिखकर जेल अधीक्षक को देने के बाद आसानी से अतीक अहमद से मुलाकात हो जाती थी। पूर्व जेल अधीक्षक के हस्ताक्षर वाले एक भी मुलाकाती पत्र सीबीआई के हाथ नहीं लगा। जेल सूत्र बताते हैं कि अतीक से मिलने वाला हर शख्स उस समय के जेल अधीक्षक के कहने पर अंदर चला जाता था। वह घंटों अतीक के पास रहता था।

सीबीआई ने कुछ लोगों को भगाया
शुक्रवार की रात को डाक बंगला और होटल में सीबीआई टीम पहुंची तो जेल से जुड़े कुछ लोग उनके पास पहुंच गए। सीबीआई टीम ने उन लोगों को भगा दिया। हिदायत दी कि इसके बाद दोबारा यहां न आएं।
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