कार्यदायी संस्था नवंबर तक भवन तैयार कर देने का दावा कर रही है। इसके बाद चार माह की प्रक्रिया में यह देखा जाएगा कि यहां का माहौल पशु-पक्षियों के लिए अनुकूल है या नहीं। हालांकि पशुओं के बाड़ों को तेजी से तैयार किया जा रहा है। भालू के बाड़े पूरी तरह बनकर तैयार हो गए हैं।
सहारा इस्टेट के पास 121 एकड़ में शहीद अशफाक उल्लाह खान चिड़ियाघर का निर्माण किया जा रहा है। एक साल में करीब 65 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। कार्यदाई संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम की तरफ से चिड़ियाघर के भवन का काम नवंबर तक पूरा कर लेने की संभावना है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे वन विभाग को सौंपा जाएगा। विभाग सेंट्रल जू अॅथारिटी को पत्र लिखकर निरीक्षण के लिए बुलाएगी। टीम के निरीक्षण और सहमति के बाद ही इसे पूरी तरह पशु पक्षियों के अनुकूल माना जाएगा। इस प्रक्रिया में चार माह का वक्त लग जाएगा। अगर टीम की जांच में कुछ गड़बड़ी मिली तो भवन में फिर संशोधन कर इस प्रक्रिया को दोहराया जाएगा। माना जा रहा है कि चिड़ियाघर में अगले साल अप्रैल तक पशु पक्षियों को लाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
0- हर पंद्रह दिन पर होगी गुणवत्ता की जांच
निर्माणाधीन चिड़ियाघर में डीएम की निगरानी में चार सदस्यीय टीम हर पंद्रह दिन में गुणवत्ता की परख करेगी। इसके अलावा मंडल स्तर के अधिकारी हर महीने कार्य में प्रगति की समीक्षा करेंगे।
0- होगा ओपन थियेटर, खेल और मनोरंजन के भी इंतजाम
चिड़ियाघर के अंदर ओपन थियेटर, फ ोरडी थियेटर, कैफेटेरिया, कियॉस्क, गजेबो और टवॉय ट्रेन जैसी मनोरंजन की तमाम सुविधाएं मौजूद होंगी। टिकट घर से अंदर जाते ही फ ोर डी थियेटर में जानवरों के बारे में जानकारी दी जाएगी। चिड़ियाघर के बीचोबीच कियॉस्क मौजूद होंगे जहां दर्शकों के खाने पीने का इंतजाम होगा।
0- पशुओं के इलाज का इंतजाम
चिड़ियाघर के जीव जंतुओं के इलाज का इंतजाम अंदर ही होगा। इसके अलावा चिड़ियाघर में इंसीनिरेटर और पोस्टमार्टम हाउस भी बनाया जा रहा है।
कोट
नवंबर तक यूपी राजकीय निर्माण निगम भवन सौंपने की बात कर रहा है। इसके बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी की टीम निरीक्षण करेगी। इस प्रक्रिया में करीब 4 माह का समय लग जाएगा। 2020 में ही चिड़ियाघर लोगों को लिए तैयार किया जा सकेगा।
दिवाकर श्रीवास्तव, सहायक वन संरक्षक
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