हमारे शहर का नाम गोरखपुर क्यों पड़ा। बाबा गोरखनाथ गोरखपुर कब आए। गोरखनाथ मंदिर की स्थापना कब हुई। देश के स्वतंत्रता संग्राम में गोरखपुर के वीर सेनानियों का क्या योगदान रहा। संगीत और रोशनी के मेल से ऐसे तमाम सवालों के जवाब रामगढ़ ताल के लेजर लाइट शो में मिल जाएंगे। थीम में कुछ बदलाव के साथ 30 जून से इसे आम लोगों को समर्पित करने की योजना है। तकरीबन 40 मिनट के शो में गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के पर्यटक स्थलों का इतिहास भी शामिल होगा।
राष्ट्रीय झील संरक्षण परियोजना के अंतर्गत रामगढ़ ताल के संरक्षण के क्रम में लाइट एंड साउंड शो शुरू किया जा रहा है। शो की प्रोग्रामिंग अंतिम चरण में है। पहले इसकी थीम में गोरखपुर का इतिहास, गीताप्रेस, गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर रेलवे स्टेशन, कुशीनगर का बुद्ध परिनिर्वाण स्थल, मगहर का कबीर मठ आदि शामिल था। अब इसमें स्वतंत्रता संग्राम में गोरखपुर के वीर सेनानियों की भूमिका, चौरीचौरा शहीद स्थल, कथा सम्राट प्रेमचंद की जीवनी आदि को भी शामिल किया जा रहा है। करीब 40 मिनट के इस शो को लोक गायिका मालिनी अवस्थी ने आवाज दी है।
शो के थीम में कुछ बदलाव किया जा रहा है। ट्रायल अंतिम चरण में है। 30 जून तक इसे शहर के लोगों को समर्पित करने की योजना है। - रतनसेन सिंह, परियोजना अधिकारी, रामगढ़ ताल परियोजना
नोट: आपको हमारी यह स्टोरी कैसी लगी इस पर अपना फीडबैक नीचे बने कमेंट बॉक्स में जरूर दें।