- नौकरीपेशा महिलाओं के बच्चों की देखभाल करेगा वात्सल्य शिशु सदन
- रेलवे के अलावा अन्य संस्थानों में कार्यरत महिलाएं ले सकती हैं सुविधा
- एक माह के लिए देना होगा एक हजार रुपये शुल्क
गोरखपुर। काम करने वाली माताओं के लिए अच्छी खबर है। ड्यूटी के दौरान उनके बच्चों की देखभाल कैसे हो इसके लिए उन्हें परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब कार्यालय के समय में वे अपने बच्चे को वात्सल्य शिशु सदन में छोड़ सकती हैं। इसके लिए प्रति माह एक हजार रुपये शुल्क जमा करना होगा। यहां छह माह से 12 वर्ष तक के बच्चों का लालन पोषण बेहतर माहौल में किया जाएगा। इसकी शुरूआत हो चुकी है और कुछ रेलकर्मी बच्चों को ड्यूटी के वक्त छोड़ती हैं।
पूर्वोत्तर रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष अलका अग्रवाल के निर्देशन में इस वात्सल्य शिशु सदन में बच्चों की देखभाल अनुभवी स्टाफ कर रहा है। वात्सल्य शिशु सदन खुले वातावरण में स्थापित किया गया है जहां वातानुकूलित कमरे, आरओ, माइक्रोवेव, फ्रीज, टेलीविजन आदि आधुनिक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। यह शिशु सदन सप्ताह में पांच दिन सोमवार से शुक्रवार तक सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक संचालित होता है। शनिवार एवं रविवार को यह बंद रहता है। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि रेलवे के अलावा अन्य संस्थानों में नौकरीपेशा महिलाओं के बच्चों की देखभाल शिशु सदन में होगी।
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