कार्यालय में नहीं मिल रहे साहब, दौड़ रहे फरियादी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जिले में विकास को गति देने वाले विभागों के अधिकारी अपने जिम्मेदारी के प्रति सतर्क नहीं हैं। स्थिति यह है कि कार्यालयों में अधिकारी समय से बैठ नहीं रहे हैं। फरियादी कार्यालय का चक्कर लगाकर लौट जा रहे हैं। उनकी बातें सुनने वाला कोई नहीं है।
खंड विकास अधिकारी कार्यालय सदर में सुबह 10.16 बजे महुअवां ढाले के रहने वाले अमरजीत मिले। वह परिवार रजिस्टर की नकल लेने आए थे। बीडीओ कक्ष बंद था। एडीओ पंचायत जरूरी काम निपटा रहे थे। मनरेगा सेल में कोई नहीं मिला। अहमदपुर गांव के भभूति यादव पेड़ की छाया में बैठे मिले, बोले की मनरेगा के तहत काम किए हैं लेकिन पारिश्रमिक का भुगतान अब तक नहीं मिला है। कई दिन से ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं। एक कमरे में दिग्विजय मिले, वह आलमारी से कार्ड निकाल रहे थे। पूछने पर बोले कि ब्लॉक का कर्मचारी नहीं हैं। खंड विकास अधिकारी कार्यालय पनियरा में सुबह 10.50 बजे एडीओ पंचायत का कमरा बंद मिला। वहीं बीडीओ गिरजा पांडेय अपने कार्यालय में मौजूद मिलीं। मनरेगा सेल के एपीओ अजीत पांडेय अपने कार्यालय में नहीं थे। अन्य कर्मचारी अपने-अपने काम लगे हुए दिखे। क्षेत्र के नूर हसन शादी अनुदान के लिए थे। बीडीओ से मिलकर समस्याएं बताए और चले गए। नौतनवां ब्लॉक पर खंड विकास अधिकारी अनिल कुमार यादव सुबह 10.25 बजे अपने कार्यालय में सहायक विकास अधिकारी धनेश यादव से बातचीत कर रहे थे। केवटलिया गांव की इंदू देवी छोटी बच्ची के साथ जमीन पर बैठी थीं। उन्होंने बताया कि परिवार रजिस्टर की नकल लेने आई हैं। वह ग्राम पंचायत अधिकारी का इंतजार कर रही थीं। विकास खंड परतावल में सुबह 10.30 बजे खंड विकास अधिकारी का कक्ष खाली मिला। लखिमा गांव के रामबदन चौधरी मिले। वह आवास योजना का लाभ लेने के लिए आए थे। कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर में हाजिरी बनाकर कार्यालय के बाहर थे। सिरसिया मलमलिया के सोनू, ग्राम पंचायत सचिव से मिलने के लिए कई दिन से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनसे मुलाकात नहीं हो पा रही है। परिसर में तमाम लोग मिले तो जरूरी कार्य से ब्लॉक में आए थे, लेकिन अधिकारी नहीं मिले तो निराश हो लौट गए।
सीडीओ पवन कुमार अग्रवाल ने कहा कि अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुसार कार्यालय में उपस्थित रहकर जनता की समस्याओं का समाधान करना है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।