गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय रेट (शोध पात्रता परीक्षा) में सफल ऐसे शोधार्थियों को दो हजार रुपये प्रति माह छात्रवृत्ति देगा जिन्हें किसी तरह की आर्थिक मदद नहीं मिल रही है। सभी विभागों के तीन टॉपर शोधार्थी व सभी विभाग में हर दस में से एक शोधार्थी को यह छात्रवृत्ति दी जाएगी। कुलपति ने गरीब वर्ग के मेधावियों की मदद के लिए यह पहल की है।
कुलपति ने अधिष्ठाता छात्र कल्याण को सभी विभागों से समन्वय करने का निर्देश दिया है। विश्वविद्यालय के शोधार्थियों को अब तक यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार केवल ओबीसी व एससी, एसआरएफ एवं जेआरएफ को ही छात्रवृत्ति मिलती रही है। अन्य मेधावी व गरीब शोधार्थियों को किसी तरह की स्कॉलरशिप नहीं दी जाती है। जबकि शोध कार्य के दौरान प्रति महीने यात्रा व अन्य कार्यों के लिए अच्छी खासी रकम खर्च करनी पड़ती है। कुलपति प्रो. वीके सिंह ने बताया कि मेधावियों की मदद के लिए एक कोशिश की गई है। रकम पर्याप्त नहीं है मगर इससे शोधार्थियों की जेब पर दबाव कम होगा। उन्होंने बताया कि वित्त अधिकारी ने इसके लिए अगल से एक कोष की व्यवस्था की है। उसमें जमा धन के ब्याज से यह स्कॉलरशिप दी जाएगी।
एमएमएमयूटी में सभी शोधार्थी को छात्रवृत्ति
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में सभी शोधार्थियों को करीब 22,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। यह छात्रवृत्ति विश्वविद्यालय अपने संसाधनों से देता है।