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चार माह से पैसेंजर ट्रेनों की राह देख रहीं ये पटरियां

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खुशहालनगर के रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड की ये पटिरियां पिछले चार माह से पैसेंजर ट्रेनों की राह ताक रही हैं। कोहरे का हवाल देकर बंद की गईं छह जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का आवागमन सात मार्च से शुरू होना था, लेकिन अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि ये ट्रेनें कब से पटरियों पर दौड़ेंगी। इन ट्रेनों के बंद होने से इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गोरखपुर जाने के लिए उन्हें रोडवेज बस अथवा किसी अन्य निजी वाहन का सहारा लेना पड़ रहा है।
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हृदेश प्रजापति और धीरज कुमार ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन से घुघली से गोरखपुर का किराया 15 रुपये है, लेकिन बस से यात्रा करने के लिए 70 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। पहले आने-जाने में मात्र 30 रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब 140 रुपये लग रहा है। एडवोकेट सतीश पांडेय ने बताया कि पैसेंजर ट्रेनों के बंद होने से पढ़ने के लिए गोरखपुर जाने वाले विद्यार्थियों और मजदूरों को अधिक परेशानी हो रही है। वैसे यात्रियों की परेशानी दूर करने के लिए रेलवे ने एक पांच डिब्बों वाली एक जोड़ डेमू ट्रेनों का संचालन शुरू किया है, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। गौरतलब है कि गोरखपुर-नरकटियागंज रूट पर महराजगंज में खुशहालनगर, घुघली, गुरली रमगढ़वा और सिसवां स्टेशन हैं। इस रूट पर एक्सप्रेस ट्रेनें भी हैं, लेकिन वे इन सभी स्टेशनों पर नहीं रुकतीं। इस संबंध में जब सिसवां स्टेशन अधीक्षक हरिश्चंद्र से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उच्चाधिकारियों की ओर से पैसेंजर ट्रेनों के संचालन के संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।
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