गोरखपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षा में प्रश्नों के उत्तर देते समय शॉर्टकट नहीं चलेगा। जवाब अगर इंजीनियरिंग और मेडिकल की परीक्षा की तरह संक्षेप में लिखे तो अंक कट जाएंगे। लघु उत्तरीय और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर निर्धारित शब्द संख्या के अनुसार ही देने होंगे। शुक्रवार से शुरू हो रही परीक्षा के लिए सीबीएसई ने परीक्षार्थियों को ये निर्देश दिए हैं।
बोर्ड ने एक सर्वे में पाया कि 12वीं की परीक्षा में 40 फीसदी छात्र शॉटकर्ट में उत्तर लिखते हैं। इससे स्टेप वाइज मार्किंग पर असर पड़ता है। जितने अंक उन्हें मिलने चाहिए, उन्हें नहीं मिल पाते हैं। बोर्ड ने उदाहरण देकर समझाया कि फार्मूला और यूनिट दोनों लिखने पर एक एक अंक मिलता है। लेकिन छात्र बिना फार्मूला और यूनिट लिखे उत्तर देते हैं। इससे उनका एक अंक कट जाता है। विषयवार कई और उदाहरण देकर भी बोर्ड ने परीक्षार्थियों को विस्तार से उत्तर देने की सलाह दी है। उत्तर देने की दिक्कत विज्ञान और वाणिज्य वाले छात्रों की अधिक है। प्रतियोगी परीक्षा में वह छात्र अधिक गलती करते हैं, जो पहली बार परीक्षा में शामिल होते हैं। ऐसे में स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह छात्रों में विस्तार से उत्तर लिखने की आदत डालें।
सर्वे में निकली ये बातें
अधिकतर छात्र एक शब्द में उत्तर लिख कर काम चलाते हैं
पूरी लाइन में उत्तर नहीं देते, फिगर नहीं बनाने से कम अंक मिलते हैं
40 प्रतिशत विद्यार्थी परीक्षा में लिखते हैं शॉर्टकट उत्तर
ये हैं सुझाव
जितने शब्दों में पूछा जाए, उतने में उत्तर अवश्य दें
हर स्टेप का ख्याल रखें इसके लिए बोर्ड ने मार्क्स पैटर्न की जानकारी दी है
स्टेप वाइज उत्तर देने की कोशिश करें