छात्राओं ने ताइक्वांडों का अभ्यास किया।
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गोरखपुर। ताइक्वांडो प्रशिक्षक लालदेव शहर की बेटियों को ‘अपराजिता’ बना रहे हैं। 13 साल में उन्होंने 10 हजार से अधिक बेटियों को आत्मरक्षा का निशुल्क प्रशिक्षण दिया है। उनकी शिष्याएं कठिन परिस्थितियों में भी आत्मरक्षा करने में महारत हासिल कर चुकी हैं। कहते हैं- बेटियां शक्ति का स्वरूप हैं। वे किसी से न डरें, न झुकें, यही लक्ष्य है। मोहद्दीपुर निवासी लालदेव ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि इस सफर की शुरुआत वर्ष 2003 में शुरू हुई।
ताइक्वांडो के प्रशिक्षण के लिए लड़के तो रुचि दिखाते थे मगर लड़कियों को परिवार से अनुमति नहीं मिलती थी। कई बार बाधा फीस की भी होती थी। तब उन्होंने इस मुहिम की शुरुआत की। वर्ष 2005 से पंत पार्क में प्रशिक्षण शिविर के साथ स्कूल, कॉलेज, एनसीसी और एनएसएस कैंप में जाकर बेटियों को निशुल्क आत्मरक्षा का गुर सिखा रहे हैं। वर्तमान में भी पंत पार्क में चलने वाले प्रशिक्षण शिविर में 25 से अधिक बेटियां आत्मरक्षा का प्रशिक्षण ले रही हैं। इनसे प्रशिक्षण हासिल कर चुकी सीमा कन्नौजिया, ज्योति और रोनिता पासवान ने राष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो प्रतियोगिताओं में अपनी चमक बिखेरी है।
मित्र की पिटाई ने दिया लक्ष्य
लालदेव ने बताया कि एमपी इंटर कॉलेज में कक्षा आठ की पढ़ाई के दौरान कुछ लोगों ने उनके एक मित्र की पिटाई कर दी। वो उसकी मदद तो करना चाहते थे पर हौसले और कमजोर शारीरिक बनावट के चलते ऐसा नहीं कर सके। बाद में उन्होंने अपने आप को मजबूत बनाने की ठानी। यही सुरक्षा का भाव वो सभी ताइक्वांडो खिलाड़ियों में लाना चाहते हैं।
प्रतिदिन दिलाएंगे महिला सम्मान की शपथ
अमर उजाला के ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ महाअभियान से प्रभावित लालदेव ने प्रतिदिन प्रशिक्षण हासिल करने वाले ताइक्वांडो खिलाड़ियों को महिला सम्मान की शपथ दिलाने का फैसला लिया है। उनका मानना है कि अपराजिता अभियान महिलाओं की पहचान बनेगा।