गोरखपुर। राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि आप छात्रधर्म का पालन जरूर करें। पहला कर्तव्य अध्ययन है लेकिन किताबी कीड़ा नहीं बनना चाहिए। पढ़ाई के साथ खेलकूद, योग भी जरूरी है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा तो सब कुछ ठीक होगा। पढ़ाई भी अच्छे से चलेगी। व्यक्तित्व विकास होगा जो चरित्र निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण होता है।
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के मुख्य महोत्सव और सम्मान समारोह में हिस्सा लेने आए राज्यपाल ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। राज्यपाल ने पांच सूत्र बताए और कहा कि ऐसा कर लें तो आपका जीवन बदल जाएगा। ये पांच सूत्र हैं मुस्कराते रहें, अच्छा काम करने वालों को शाबाशी दें, सार्वजनिक रूप से किसी की अवमानना न करें, जो भी करें उससे बेहतर करने की कोशिश करते रहें और चलते रहें-चलते रहें। इस पर खूब तालियां बजीं। राज्यपाल ने कहा कि यूपी ने नौ प्रधानमंत्री दिए हैं लेकिन महामहिम रामनाथ कोविंद यूपी से पहले राष्ट्रपति हैं। उनकी जन्म, कर्मभूमि यूपी है। गोरखपुर में पहला प्रवास है। उन्होंने ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और राजनीति के क्षेत्र में एतिहासिक काम किया था। इसे अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगे बढ़ा रहे हैं। विद्यार्थियों ने संस्कृत, भगवत गीता के जो श्लोक सुनाएं हैं, उससे महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से संबंधित संस्थानों में पढ़ने का मन करता है।