मुक्त शिक्षा ही भविष्य में बेहतर शिक्षा का माध्यम : कुलपति
- उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय की कार्यशाला में उच्च शिक्षा पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मुक्त शिक्षा ही भविष्य में बेहतर शिक्षा का माध्यम होगी। डिजिटल क्रांति के बाद मुक्त शिक्षा के विकास का मार्ग तेजी से प्रशस्त हुआ है। देश में 60 करोड़ लोग स्मार्ट फोन इस्तेमाल करते हैं जबकि 50 करोड़ इंटरनेट उपभोक्ता हैं। इसका उपयोग उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करके गुणात्मक परिवर्तन संभव है।
ये बातें उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. केएन सिंह ने गोरखपुर यूनिवर्सिटी में आयोजित गोरखपुर क्षेत्र के अध्ययन केंद्रों के समन्वयकों एवं प्राचार्यों की एक दिवसीय कार्यशाला में कहीं। प्रो. सिंह ने कहा कि सुदूर एवं उच्च शिक्षा से वंचित वर्ग तक गुणात्मक उच्च शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने का संकल्प लिया गया है। स्नातक एवं स्नातकोत्तर की पढ़ाई के साथ सर्टिफिकेट, डिप्लोमा कोर्स से रोजगार परक शिक्षा को भी प्राथमिकता दी जा रही है। विशिष्ट अतिथि विधि विभाग के प्रो. चंद्रशेखर ने कहा कि साइबर लॉ का पाठ्यक्रम समसामयिक महत्व का है। प्रो.आरपीएस यादव ने यूनिवर्सिटी की नई योजनाओं पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर क्षेत्रीय प्रभारी प्रो पीपी दुबे, प्रो. संजीत कुमार गुप्ता और प्रवीण कुमार ने भी अपने विचार रखे।