गोरखपुर। संगठन के अध्यक्ष, मंत्री समेत 18 लेखपालों को निलंबित करने का भी लेखपालों पर कोई असर नहीं दिखा। 10वें दिन भी लेखपालों की हड़ताल जारी रही। सुबह से शाम तक उन्होंने नगर निगम परिसर में धरना दिया। इस दौरान निलंबित हुए लेखपालों को उनके दूसरे साथियों ने माला पहनाकर सम्मानित किया।
उधर डीएम के. विजयेंद्र पांडियन का कहना है कि एस्मा लागू है। इसके तहत 18 लेखपालों को निलंबित करने के साथ ही 469 नए प्रशिक्षु लेखपालों को सेवा समाप्त करने का नोटिस दिया गया है। सख्ती का असर भी दिख रहा है और कुछ तहसीलों में प्रशिक्षु लेखपाल काम पर लौटे हैं।
धरने को संबोधित करते हुए लेखपाल संघ के अध्यक्ष नीलकंठ दूबे ने कहा कि शासन-प्रशासन जितनी भी दमनात्मक कार्रवाई कर ले, हम पीछे नहीं हटने वाले। उन्होंने कहा कि आंदोलन शुरू करने के पहले ही हमने तय कर लिया था कि चाहे कोई कार्रवाई हो, हमारे कदम नहीं डगमगाएंगे। चंद लेखपालों के निलंबन से आंदोलन की धाम को कमजोर नहीं किया जा सकता।
प्रशासन अगर सभी लेखपालों की गिरफ्तारी भी करा दे तो भी हम डरने वाले नहीं। लेखपाल संघ के महामंत्री जगदीश ने कहा कि प्रशासन धरना की अनुमति नहीं लेने की बात कह रहा, जबकि चरणवार आंदोलन शुरू होने से पहले ही हमने अनुमति ले ली थी।