समाजवादी पार्टी में पार्षद पद के टिकट वितरण के लिए चल रहा घमासान शनिवार को और गरमा गया। पार्टी कार्यालय में प्रत्याशियों का नाम तय करने के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने पूर्व पदाधिकारी राजेंद्र यादव की जमकर पिटाई कर दी। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महानगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम और पूर्व विधायक विजय बहादुर समेत कुछ पदाधिकारियों ने रकम लेकर टिकट बांटे और पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी की।
कार्यकर्ताओं का आरोप है कि जियाउल को पहले ही विरोध का अंदेशा था। यही वजह है कि उन्होंने खुद के बजाय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य किसान सिंह से सिंबल का वितरण कराया। सूत्रों का कहना है कि जियाउल सिंबल वितरण शुरू होने से पहले ही कार्यालय से निकल गए वर्ना कार्यकर्ताओं का गुस्सा उन पर भी फूट सकता था। टिकट वितरण में पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं की अनदेखी की शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तक भी पहुंची थी। सप्ताह भर पूर्व लखनऊ में आयोजित एक बैठक के दौरान उन्होंने जिला और महानगर के पदाधिकारियों पर इस मामले में नाराजगी भी जताई थी। इसके बाद कुछ वार्डों में टिकट में बदलाव भी हुआ। इस मामले में जियाउल का पक्ष भी जानने का प्रयास किया गया मगर संपर्क नहीं हो सका।
महिला कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को घेरा
टिकट वितरण में अनदेखी के लिए जिस समय सपा के पार्टी कार्यालय में लात-जूते चल रहे थे उसी समय 15-20 की संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने प्रेस क्लब के पास जिलाध्यक्ष को घेर लिया और कई गंभीर आरोप लगाए। दोपहर ढाई बजे के करीब जिलाध्यक्ष प्रेस कांफ्रेंस कर प्रेस क्लब से बाहर ही निकल रहे थे कि अख्तर जहां और नजमा बेगम के नेतृत्व में कई कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष को घेरकर महानगर अध्यक्ष जियाउल इस्लाम और पूर्व विधायक विजय बहादुर पर तीन से पांच लाख रुपये लेकर अपने चहेतों को टिकट देने का आरोप लगाया। उन्होंने दोनों नेताओं के खिलाफ नारेबाजी भी की।
रकम लेकर टिकट वितरण का आरोप गलत है। दो-तीन वार्ड में टिकट के लिए विवाद है, जल्द ही इसे सुलझा लिया जाएगा।
- प्रहलाद यादव, जिलाध्यक्ष