गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के उद्यमियों की एक बड़ी परेशानी बहुत ही सामान्य ढंग से हल होनी शुरू हो गई है। जिस मानचित्र के लिए उद्यमियों को छह-छह महीने इंतजार करना पड़ता था, उसे कैंप में ही निस्तारित कर दिया गया।
मानचित्रों की स्वीकृति न होने से गीडा के कई उद्यमी उद्योग नहीं लगा पा रहे थे। इसे लेकर वे कमिश्नर से लेकर मुख्यमंत्री तक गुहार लगा चुके थे। कार्यभार संभालने के बाद गीडा की सीईओ हर्षिता माथुर ने इस समस्या के निस्तारण को प्राथमिकता दी और दो दिन के कैंप में 63 मामले को निस्तारित कर दिए। पहले दिन 40 और दूसरे दिन 23 मामलों का निस्तारण किया गया। जिन मानचित्रों में कुछ गड़बड़ी रह गई थी, उन्हें पांच दिन में दुरुस्त करने का आश्वासन दिया गया है। हर्षिता माथुर ने बताया कि 22 सितंबर को फिर कैंप लगाया जाएगा। उधर, शनिवार को कैंप का संयोजन प्रबंधक नियोजन शार्दुल विक्रम तिवारी ने किया। उन्होंने बताया कि शनिवार को ट्रांसपोर्टनगर के 20, आवासीय के 10, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के 8 और उद्योगों के दो मानचित्रों का निस्तारण किया गया।