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सरयू नहर कटी, तीन गांव पानी से घिरे

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धनघटा(संतकबीरनगर)। महुली क्षेत्र के टुंगपार गांव के पास गुरुवार को सरयू नहर कट गई। इससे आसपास के गांवों के सीवान में रोपी गई धान की करीब डेढ़ सौ बीघे धान की फसल जलमग्न हो गई। इसके साथ ही कोल्हुआ, सहसा और टुंगपार गांव पानी से घिर गया। वहीं टुंगपार स्थित एक महाविद्यालय और कन्या इंटर कॉलेज परिसर में पानी घुस गया। नहर कटने की खबर से आसपास के गांवों के लोग सहम गए। वहीं विभाग की ओर से नहर के कटान स्थल पर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया।
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सरयू नहर के कटने से करीब 150 बीघा धान की फसल जलमग्न हो गई। वहीं नहर का पानी शिवशंकर चतुर्वेदी महाविद्यालय और पास में स्थित कन्या इंटर कॉलेज परिसर में घुस गया। आस-पास के गांवों के किसानों ने कटान की मरम्मत करने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली तो लोगों की सूचना सरयू नहर खंड के अधिकारियों को दी। इधर नहर ने पानी ने कोल्हुआ, सहसा और टुंगपार गांव को घेर लिया है। इससे सर्वाधिक प्रभावित कोल्हुआ गांव के लोग हुए हैं। गांव निवासी पल्टू, सीताराम, धर्मेन्द्र, विजयनाथ तिवारी, तीजू आदि लोगों के घर पानी से चौतरफा घिर गए हैं। किसानों का कहना था कि 150 बीघे फसल जलमग्न हो गया है। यह विभाग की लापरवाही का नतीजा है। मौके पर पहुंचे विभाग के जेई रजनीश गौड़ ने कटान की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया था। प्लास्टिक की बोरियों में मिट्टी डालकर कटान स्थल को भरने का कार्य शुरू कर दिया गया था। जेई ने उम्मीद जताई है कि देर रात तक मरम्मत का कार्य पूरा करा लिया जाएगा। मोलनापुर चौकी इंचार्ज अवधेश पांडेय अपने सहयोगियों के साथ नहर कटने की खबर पर तत्काल मौके पर पहुंच गए थे। एसडीएम उमेशचंद निगम ने बताया कि खबर पर तत्काल सरयू नहर खंड के अधिकारी और कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया। कटान स्थल को ठीक कराए जाने का निर्देश दिया गया है।

इन किसानों की फसल हुई जलमग्न
कटान से टुंगपार निवासी रामसेवक उर्फ खदेरू जायसवाल की तीन बीघा, रामधनी सिंह की पांच बीघा, प्रेमनाथ और संतराम की दो- दो बीघा, श्याम सिंह की पांच बीघा, सहसा निवासी हरिश्चन्द्र, अशोक, हरिकिशुन और सुबाष की 10 बीघा फसल जलमग्न हो गई। इसके साथ कोल्हुआ निवासी श्रवण तिवारी की दो बीघा, सच्चिदानन्द तिवारी की 10 बीघा, बलराम तिवारी की 32 बीघा, सत्यनारायण की पांच बीघा, रामनरायण की एक बीघा, सदानन्द की तीन बीघा, मुराली की एक बीघा, काशीनाथ त्रिपाठी की चार बीघा, सुरेन्द्र तिवारी की दो बीघा, भोलानाथ तिवारी की तीन बीघा, वीरेन्द्र तिवारी की चार बीघा, प्रयाग दत्त चतुर्वेदी की दो बीघा, पुजारी, नरेंद्र की एक- एक बीघा, साधुशरन, भालचन्द की दो दो बीघा, बेलास, राम उग्रह की एक- एक बीघा विजय तिवारी का पांच बीघा, घनश्याम पांडेय की12 बीघा फसल जल मग्न हो चुकी है।
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